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Sirmour News: ज़मीन अधिग्रहण मामले में वारिस को मिलेगी 7.49 करोड़ से अधिक की रुकी हुई मुआवजा राशि
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अदालत-3
- नाम के भ्रम को कोर्ट ने किया दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के नाहन स्थित अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत दी है। बहादुर सिंह और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार मामले में अदालत के पीठासीन अधिकारी गौरव महाजन ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसके हिस्से की करोड़ों रुपये की रुकी हुई मुआवजा राशि तुरंत जारी करने के आदेश दिए हैं।
यह पूरा मामला साल 2021 की एक भूमि अधिग्रहण संदर्भ याचिका से जुड़ा हुआ है, जिस पर अदालत ने 29 नवंबर 2024 को अपना अंतिम फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद सरकार और संबंधित विभागों की ओर से मुआवजे की भारी-भरकम राशि अदालत में जमा करवा दी गई थी। इस मामले में मुख्य पेंच याचिकाकर्ता के नाम को लेकर फंसा हुआ था, जिसके कारण इतनी बड़ी रकम का भुगतान रुका हुआ था। अदालत के रिकॉर्ड और नाज़िर की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 7,49,80,248 रुपये की राशि कोर्ट में बिना भुगतान के जमा पड़ी थी।
मुख्य आवेदक बहादुर सिंह ने एडवोकेट के माध्यम से अदालत में अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई थी कि वह इस समय पैसों की सख्त जरूरत में हैं। पहचान संबंधी भ्रम को दूर करने के लिए बहादुर सिंह ने अदालत के समक्ष अपना विशेष बयान दर्ज करवाया। उन्होंने पुख्ता सबूतों के तौर पर अपना आधार कार्ड, वंशावली और विरासत हस्तांतरण से जुड़े इंतकाल के दस्तावेज़ पेश किए। इन दस्तावेज़ों से यह साफ साबित हुआ कि उन्होंने यह अधिग्रहित ज़मीन अपनी माता की तरफ से विरासत में हासिल की थी।
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ऐसे में न्याय और इंसानियत के हित को सर्वोपरि रखते हुए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने इस अर्जी को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया है कि कानूनी तौर पर उचित पहचान और सत्यापन (वेरिफिकेशन) की प्रक्रिया पूरी करने के बाद, बहादुर सिंह के हिस्से की पूरी मुआवजा राशि को अब तक के कुल अर्जित ब्याज के साथ नियमों के अनुसार सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए।
- नाम के भ्रम को कोर्ट ने किया दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के नाहन स्थित अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत दी है। बहादुर सिंह और अन्य बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार मामले में अदालत के पीठासीन अधिकारी गौरव महाजन ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसके हिस्से की करोड़ों रुपये की रुकी हुई मुआवजा राशि तुरंत जारी करने के आदेश दिए हैं।
यह पूरा मामला साल 2021 की एक भूमि अधिग्रहण संदर्भ याचिका से जुड़ा हुआ है, जिस पर अदालत ने 29 नवंबर 2024 को अपना अंतिम फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद सरकार और संबंधित विभागों की ओर से मुआवजे की भारी-भरकम राशि अदालत में जमा करवा दी गई थी। इस मामले में मुख्य पेंच याचिकाकर्ता के नाम को लेकर फंसा हुआ था, जिसके कारण इतनी बड़ी रकम का भुगतान रुका हुआ था। अदालत के रिकॉर्ड और नाज़िर की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 7,49,80,248 रुपये की राशि कोर्ट में बिना भुगतान के जमा पड़ी थी।
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मुख्य आवेदक बहादुर सिंह ने एडवोकेट के माध्यम से अदालत में अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई थी कि वह इस समय पैसों की सख्त जरूरत में हैं। पहचान संबंधी भ्रम को दूर करने के लिए बहादुर सिंह ने अदालत के समक्ष अपना विशेष बयान दर्ज करवाया। उन्होंने पुख्ता सबूतों के तौर पर अपना आधार कार्ड, वंशावली और विरासत हस्तांतरण से जुड़े इंतकाल के दस्तावेज़ पेश किए। इन दस्तावेज़ों से यह साफ साबित हुआ कि उन्होंने यह अधिग्रहित ज़मीन अपनी माता की तरफ से विरासत में हासिल की थी।
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