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Sirmour News: अदालत 3
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दोस्ताना ऋण लेना पड़ा भारी, चेक बाउंस
मामले में आरोपी को एक साल की सजा
- साल 2023 का मामला, घरेलू जरूरतों के लिए दोषी ने उधार लिए थे 2.50 लाख रुपये
- न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब तीन साले पहले जिला सोलन के कंडाघाट निवासी को दोस्ताना ऋण लेना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी विशाल को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
तहसील पच्छाद निवासी शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने अदालत को बताया कि विशाल ने अप्रैल, 2023 में घरेलू जरूरतों के लिए 2.25 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने चार महीने में उधार राशि चुकाने का वचन दिया था, लेकिन देनदारी का भुगतान करने में विफल रहा और 7 अप्रैल को एक चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।
संवाद
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मामले में आरोपी को एक साल की सजा
- साल 2023 का मामला, घरेलू जरूरतों के लिए दोषी ने उधार लिए थे 2.50 लाख रुपये
- न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब तीन साले पहले जिला सोलन के कंडाघाट निवासी को दोस्ताना ऋण लेना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी विशाल को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋतु सिन्हा ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
तहसील पच्छाद निवासी शिकायतकर्ता नरेश कुमार ने अदालत को बताया कि विशाल ने अप्रैल, 2023 में घरेलू जरूरतों के लिए 2.25 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने चार महीने में उधार राशि चुकाने का वचन दिया था, लेकिन देनदारी का भुगतान करने में विफल रहा और 7 अप्रैल को एक चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो गया। कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया।
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इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।
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