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Sirmour News: अदालत 9
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जमीन में दखल से रोका प्रतिवादी, अदालत का फैसला
नाहन। सिविल न्यायालय ने स्थायी निषेधाज्ञा से जुड़े एक मामले में वादी सत्या देवी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रतिवादी धनबीर सिंह को विवादित भूमि में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोक दिया है। यह मामला तहसील रेणुका जी के मोहल संगड़ाह का है।
सिविल जज अंशुल मलिक की अदालत ने निर्णय में कहा कि वादी ने राजस्व अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध किया कि वह विवादित भूमि की सह-स्वामिनी एवं कब्जाधारक हैं, जबकि प्रतिवादी का भूमि पर कोई वैधानिक अधिकार या स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
वादी ने अदालत को बताया था कि 10 दिसंबर 2024 को प्रतिवादी ने कथित तौर पर भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करने के उद्देश्य से गड्ढे खोदने का प्रयास किया। विरोध करने और पुलिस में शिकायत देने के बावजूद राहत नहीं मिलने पर उन्होंने अदालत की शरण ली। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी प्रारंभिक पेशी के बाद न तो लिखित जवाब दाखिल कर सका और न ही नियमित रूप से अदालत में उपस्थित हुआ। इसके चलते अदालत ने उसे एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) घोषित कर दिया। वादी की ओर से प्रस्तुत गवाहों और राजस्व रिकॉर्ड का प्रतिवादी की ओर से कोई खंडन नहीं किया गया। संवाद
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नाहन। सिविल न्यायालय ने स्थायी निषेधाज्ञा से जुड़े एक मामले में वादी सत्या देवी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रतिवादी धनबीर सिंह को विवादित भूमि में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से रोक दिया है। यह मामला तहसील रेणुका जी के मोहल संगड़ाह का है।
सिविल जज अंशुल मलिक की अदालत ने निर्णय में कहा कि वादी ने राजस्व अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर यह सिद्ध किया कि वह विवादित भूमि की सह-स्वामिनी एवं कब्जाधारक हैं, जबकि प्रतिवादी का भूमि पर कोई वैधानिक अधिकार या स्वामित्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
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वादी ने अदालत को बताया था कि 10 दिसंबर 2024 को प्रतिवादी ने कथित तौर पर भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करने के उद्देश्य से गड्ढे खोदने का प्रयास किया। विरोध करने और पुलिस में शिकायत देने के बावजूद राहत नहीं मिलने पर उन्होंने अदालत की शरण ली। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी प्रारंभिक पेशी के बाद न तो लिखित जवाब दाखिल कर सका और न ही नियमित रूप से अदालत में उपस्थित हुआ। इसके चलते अदालत ने उसे एकपक्षीय (एक्स-पार्टी) घोषित कर दिया। वादी की ओर से प्रस्तुत गवाहों और राजस्व रिकॉर्ड का प्रतिवादी की ओर से कोई खंडन नहीं किया गया। संवाद
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