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Sirmour News: अदालत
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भरण-पोषण राशि विवाद में 15 हजार मुकदमे का देना होगा खर्च
नाहन (सिरमौर)। पारिवारिक विवाद से जुड़े भरण-पोषण राशि के मामले में फैमिली कोर्ट ने रिकवरी की याचिका को संतुष्ट मानते हुए निस्तारित कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया था कि पति ने अदालत के आदेश के बावजूद भरण-पोषण की पूरी राशि का भुगतान नहीं किया है।
अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि पहले पत्नी को 10 हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था। बाद में मामले की दोबारा सुनवाई में यह राशि 8 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई। अदालत के अनुसार जुलाई 2021 से मार्च 2025 तक की अवधि के लिए कुल भरण-पोषण राशि 3.52 लाख रुपये बनती है।
रिकॉर्ड के अनुसार पति पहले ही 3 लाख रुपये दे चुका था और बाद में 52 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। फैमिली कोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण की पूरी राशि अदा हो चुकी है, इसलिए रिकवरी की याचिका संतुष्ट मानी जाती है। हालांकि अदालत ने पति को 15 हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी पत्नी के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
संवाद
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नाहन (सिरमौर)। पारिवारिक विवाद से जुड़े भरण-पोषण राशि के मामले में फैमिली कोर्ट ने रिकवरी की याचिका को संतुष्ट मानते हुए निस्तारित कर दिया गया। याचिका में आरोप लगाया था कि पति ने अदालत के आदेश के बावजूद भरण-पोषण की पूरी राशि का भुगतान नहीं किया है।
अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि पहले पत्नी को 10 हजार रुपये प्रतिमाह अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया गया था। बाद में मामले की दोबारा सुनवाई में यह राशि 8 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई। अदालत के अनुसार जुलाई 2021 से मार्च 2025 तक की अवधि के लिए कुल भरण-पोषण राशि 3.52 लाख रुपये बनती है।
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रिकॉर्ड के अनुसार पति पहले ही 3 लाख रुपये दे चुका था और बाद में 52 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। फैमिली कोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण की पूरी राशि अदा हो चुकी है, इसलिए रिकवरी की याचिका संतुष्ट मानी जाती है। हालांकि अदालत ने पति को 15 हजार रुपये मुकदमे का खर्च भी पत्नी के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
संवाद