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Sirmour News: पालकी में विराजमान होकर सतीघाट मंदिर पहुंचीं मां नगरकोटी
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माईना गांव के सतीघाट मंदिर में जागरण के दौरान नृत्य करती महिलाएं।
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रात भर चला जागरण, भजनों पर जमकर झूमीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। उपमंडल संगड़ाह के गांव माईना में माहौल भक्तिमय हो गया, जब महामाया नगरकोटी की पवित्र पालकी को श्रद्धालुओं की आरे से विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ सतीघाट स्थित प्राचीन मंदिर तक पहुंचाया गया। मां नगरकोटी वर्ष में छह माह गांव के बीचोबीच स्थित मंदिर में विराजमान रहती हैं और अगले छह माह के लिए सतीघाट मंदिर में विराजती हैं। आश्विन मास में मां की पुनः वापसी होती है।
इस अवसर पर सतीघाट मंदिर परिसर में पूरी रात जागरण, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के बीच पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना कर मां के चरणों में शीश नवाया। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
भजन संध्या में पहाड़ी, हिंदी, पंजाबी तथा सूफी भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को सुबह होने तक तक बांधे रखा। भजन गायकों ने अपनी मधुर वाणी से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमने लगे। भजन संध्या का शुभारंभ प्रेमचंद बाउनली ने प्रसिद्ध भजन मैया जी दा भवन बनाया जे कांगड़ा धौली धारा से किया। इसके बाद राधा कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं भजन प्रस्तुत किया। मुख्य पुजारी चेतराम शर्मा ने तेरी ज्योत जगे, तेरा भोग लगे तेरी हो रही जय-जयकार हम भी आए दर्शन को और मैया नवरात्रों में जब धरती पर आती है जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
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रेणुका बॉयज के नाम से प्रसिद्ध मुकेश शर्मा ने मेरी मैया का दर है निराला, शेरांवाली का दर है निराला प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, रामदयाल शर्मा ने तन-मन-धन सब तेरा नाम, ऐसा जाने न देना और दिनेश शर्मा ने धारा तो बह रही है श्री राधा नाम की भजन प्रस्तुत किए। कृष्ण देवा एवं रेणुका बॉयज की टीम ने भरतरी, किले रे कदेवणो और अन्य पारंपरिक भजनों और नॉन-स्टॉप नाटियों की शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। उपमंडल संगड़ाह के गांव माईना में माहौल भक्तिमय हो गया, जब महामाया नगरकोटी की पवित्र पालकी को श्रद्धालुओं की आरे से विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ सतीघाट स्थित प्राचीन मंदिर तक पहुंचाया गया। मां नगरकोटी वर्ष में छह माह गांव के बीचोबीच स्थित मंदिर में विराजमान रहती हैं और अगले छह माह के लिए सतीघाट मंदिर में विराजती हैं। आश्विन मास में मां की पुनः वापसी होती है।
इस अवसर पर सतीघाट मंदिर परिसर में पूरी रात जागरण, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने माता के जयकारों के बीच पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना कर मां के चरणों में शीश नवाया। इस दौरान विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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भजन संध्या में पहाड़ी, हिंदी, पंजाबी तथा सूफी भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को सुबह होने तक तक बांधे रखा। भजन गायकों ने अपनी मधुर वाणी से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमने लगे। भजन संध्या का शुभारंभ प्रेमचंद बाउनली ने प्रसिद्ध भजन मैया जी दा भवन बनाया जे कांगड़ा धौली धारा से किया। इसके बाद राधा कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं भजन प्रस्तुत किया। मुख्य पुजारी चेतराम शर्मा ने तेरी ज्योत जगे, तेरा भोग लगे तेरी हो रही जय-जयकार हम भी आए दर्शन को और मैया नवरात्रों में जब धरती पर आती है जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
रेणुका बॉयज के नाम से प्रसिद्ध मुकेश शर्मा ने मेरी मैया का दर है निराला, शेरांवाली का दर है निराला प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, रामदयाल शर्मा ने तन-मन-धन सब तेरा नाम, ऐसा जाने न देना और दिनेश शर्मा ने धारा तो बह रही है श्री राधा नाम की भजन प्रस्तुत किए। कृष्ण देवा एवं रेणुका बॉयज की टीम ने भरतरी, किले रे कदेवणो और अन्य पारंपरिक भजनों और नॉन-स्टॉप नाटियों की शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।