सिरमाैर: संगड़ाह हादसे के आठ घायल पहुंचे मेडिकल काॅलेज नाहन, स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी ने बढ़ाई परेशानी
सिरमाैर जिले के संगड़ाह के पालर सड़क हादसे में घायल आठ लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन लाया गया, लेकिन यहां भी घायलों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के संगड़ाह के पालर सड़क हादसे में घायल आठ लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन लाया गया, लेकिन यहां भी घायलों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ा। हादसे में गंभीर रूप से घायल कपिल, कमलेंद्र और संदीप को प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, जबकि राम स्वरूप, जय प्रकाश, कृपा राम, देवेंद्र और सुनील का उपचार मेडिकल कॉलेज नाहन में चल रहा है। संगड़ाह हादसे ने एक बार फिर सिरमौर की स्वास्थ्य व्यवस्था की उस चुनौती को सामने ला दिया है, जिसमें हादसे के बाद मरीजों को पहले नाहन और फिर सुविधाओं के अभाव में चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता है। पहाड़ी जिले में समय पर विशेषज्ञ उपचार और जरूरी जांच उपलब्ध होना महज सुविधा नहीं, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर हो सकता है। हादसे के बाद घायलों को करीब 100 किलोमीटर दूर से नाहन लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं को लेकर परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि इमरजेंसी में घंटों तक विशेषज्ञ चिकित्सक घायलों की जांच के लिए नहीं पहुंचे। इससे जिला के सबसे बड़े अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिजन बोले- इमरजेंसी में घंटों विशेषज्ञ का इंतजार
घायलों के परिजन नितेश ने आरोप लगाया कि वे सुबह करीब 8:00 बजे 100 किलोमीटर दूर से घायलों को लेकर मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंचे थे। इसके बावजूद करीब 12:00 बजे तक इमरजेंसी में विशेषज्ञ चिकित्सक जांच के लिए नहीं पहुंचे। उनका आरोप है कि इस दौरान इंटर्न डॉक्टर ही मरीजों का उपचार कर रहे थे और कई मामलों में फोन देखकर उपचार किए जाने जैसी स्थिति नजर आई। नितेश ने कहा कि जब जिले के दूरदराज क्षेत्रों में कोई बड़ा हादसा होता है तो गंभीर घायलों को बेहतर उपचार की उम्मीद में मेडिकल कॉलेज नाहन लाया जाता है। लेकिन यदि यहां भी विशेषज्ञ चिकित्सक और जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
रेडियोलॉजी विभाग खाली, सीटी स्कैन और एक्सरे को लेकर भी परेशानी
परिजनों ने मेडिकल कॉलेज नाहन के रेडियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की कमी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि रेडियोलॉजी विभाग में चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से सीटी स्कैन और एक्सरे जैसी जरूरी जांचों में परेशानी हो रही है। एक घायल का सीटी स्कैन करवाया गया, लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी उसकी रिपोर्ट नहीं मिलने का आरोप लगाया गया। परिजनों का कहना है कि सिरमौर जैसे पहाड़ी जिले में सड़क हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसे में जिला के एकमात्र बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और जांच सुविधाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि पहले मरीजों को 100 से 200 किलोमीटर तक का सफर तय कर नाहन पहुंचना पड़ता है और यहां भी सुविधाओं के अभाव में गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में इलाज के महत्वपूर्ण घंटे सफर में निकल जाते हैं।
चिकित्सा अधीक्षक बोलीं- रेडियोलॉजी में पद खाली होने से आ रही समस्या
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. रेणू चौहान ने बताया कि संगड़ाह हादसे में घायल आठ लोगों को रेफर कर नाहन लाया गया था। इनमें से प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों को चंडीगढ़ रेफर किया गया, जबकि पांच घायलों का उपचार मेडिकल कॉलेज नाहन में चल रहा है। उन्होंने बताया कि रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि एक चिकित्सक ने त्यागपत्र दे दिया है और एक अन्य चिकित्सक की पदोन्नति हो गई है। इसके चलते विभाग में चिकित्सकों की कमी हुई है और समस्या सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि खाली पदों को भरने के संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.