फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   four teachers transfer from haripurdhaar college

Sirmour News: कॉलेज में पहले ही शिक्षक कम और कर दिया चार शिक्षकों का तबादला

Sun, 02 Aug 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:58 PM IST
विज्ञापन
four teachers transfer from haripurdhaar college
हरिपुरधार में नायब तहसील के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते विद्यार्थी। स्रोत : संगठन
सचित्र--
विज्ञापन








संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुरधार (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय हरिपुरधार से एक साथ चार शिक्षकों के तबादले के विरोध में महाविद्यालय के छात्रों ने नायब तहसीलदार भावना शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने सरकार से तबादला आदेशों पर तत्काल पुनर्विचार करने और महाविद्यालय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान स्थानीय ग्राम पंचायत के प्रधान विनय छिंटा भी छात्रों के समर्थन में मौजूद रहे।
विनय ने कहा कि महाविद्यालय पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में एक साथ चार शिक्षकों का तबादला कर देना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। उनका कहना था कि यदि समय रहते इन पदों को नहीं भरा गया तो पढ़ाई और नियमित कक्षाएं गंभीर रूप से प्रभावित होंगी, जिसका सीधा नुकसान सैकड़ों विद्यार्थियों को उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन


विनय छिंटा ने आरोप लगाया कि हरिपुरधार महाविद्यालय से एक साथ चार शिक्षकों का तबादला कर संगड़ाह महाविद्यालय ले जाना सरकार की उस मंशा को दर्शाता है, जिसके तहत हरिपुरधार महाविद्यालय को धीरे-धीरे कमजोर कर बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता और छात्र इस प्रयास को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि यदि महाविद्यालय में भी लगातार शिक्षकों की संख्या घटाई जाती रही तो क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए मजबूरन बाहर जाना पड़ेगा। यह क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्रों ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय हरिपुरधार में वर्तमान में 103 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि यदि महाविद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं होंगे तो विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी। क्षेत्र के अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं और उनके अभिभावक उन्हें उच्च शिक्षा के लिए सोलन, नाहन या शिमला जैसे शहरों में भेजने का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में कई विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को, मजबूरन अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ सकती है। छात्रों ने भी सरकार से मांग की कि तबादला आदेशों को तुरंत वापस लिया जाए। यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो स्थानीय पंचायतों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थियों को साथ लेकर बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

इस मौके पर छात्र रोहित, आर्यन, लक्ष्मी, पूजा सहित अन्य विद्यार्थी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।--------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed