{"_id":"6a6f49ad75c0141119053120","slug":"hp-corporate-sector-mahasang-demand-to-cm-nahan-news-c-177-1-ssml1028-185053-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: 1999 की अधिसूचना बहाल होने के इंतजार में सेवानिवृत्त कर्मचारी, कई हो चुके दिवंगत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: 1999 की अधिसूचना बहाल होने के इंतजार में सेवानिवृत्त कर्मचारी, कई हो चुके दिवंगत
विज्ञापन
नाहन में विधायक अजय सोलंकी को ज्ञापन देते प्रदेश कॉर्पोरेट सेक्टर महासंघ के सिरमौर विंग के पदाध
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सचित्र-
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश कॉर्पोरेट सेक्टर महासंघ के सिरमौर विंग ने प्रदेश सरकार से कॉर्पोरेट सेक्टर कर्मचारी वर्ग की 1999 पेंशन योजना अधिसूचना को बहाल करने की मांग की है। अपनी इस मांग को लेकर सिरमौर विंग का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को नाहन में विधायक अजय सोलंकी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायक को सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रधान डीआर शर्मा, महासचिव शेर जंग, मदन सिंह परमार, सुरजीत सिंह, दलीप सिंह, दिनेश कुमार, दीप चंद ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि 1999 में पेंशन योजना की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके अंतर्गत सभी कर्मचारियों को पेंशन लाभ प्राप्त करने के लिए यह विकल्प दिया गया था। इसके तहत 1999 से 2003 तक निगम एवं बोर्ड से सेवानिवृत्त करीब 1700 कर्मचारियों को सरकार पेंशन का लाभ दे रही है।
इस अधिसूचना को 2004 में तत्काल सरकार ने रद्द कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार इस बोझ को नहीं उठा सकती। इसके बाद कॉर्पोरेट सेक्टर से सेवानिवृत्त हुए 6730 कर्मचारी 1999 को जारी अधिसूचना के लाभ से वंचित रह गए। हैरानी की बात यह है कि 2004 से पहले लगे कर्मचारी जिन्होंने सरकार को पेंशन का विकल्प दिया था, उनको भी पेंशन से वंचित कर दिया गया।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इसके बाद से इस अधिसूचना को बहाल करने की मांग प्रदेश की हर सरकार से उठाई गई है लेकिन इसे बहाल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना की बहाली की आस में सेवानिवृत्त कर्मचारी 80 साल तक के हो गए हैं। कईयों की मौत तक हो चुकी है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 2022 में वर्तमान सरकार ने कॉर्पोरेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पेंशन देने की बात कही थी, लेकिन यह घोषणा भी सफेद हाथी ही साबित हुई है, जबकि इन कर्मचारियों ने कांग्रेस को सरकार बनाने में पूरा समर्थन दिया था।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि सरकार वादे के मुताबिक 1999 की अधिसूचना को बहाल करे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जाहिर की सरकार उनकी इस आवश्यक मांग को पूरा करेगी।-- -- -- --
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश कॉर्पोरेट सेक्टर महासंघ के सिरमौर विंग ने प्रदेश सरकार से कॉर्पोरेट सेक्टर कर्मचारी वर्ग की 1999 पेंशन योजना अधिसूचना को बहाल करने की मांग की है। अपनी इस मांग को लेकर सिरमौर विंग का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को नाहन में विधायक अजय सोलंकी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन विधायक को सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रधान डीआर शर्मा, महासचिव शेर जंग, मदन सिंह परमार, सुरजीत सिंह, दलीप सिंह, दिनेश कुमार, दीप चंद ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि 1999 में पेंशन योजना की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके अंतर्गत सभी कर्मचारियों को पेंशन लाभ प्राप्त करने के लिए यह विकल्प दिया गया था। इसके तहत 1999 से 2003 तक निगम एवं बोर्ड से सेवानिवृत्त करीब 1700 कर्मचारियों को सरकार पेंशन का लाभ दे रही है।
विज्ञापन
इस अधिसूचना को 2004 में तत्काल सरकार ने रद्द कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि सरकार इस बोझ को नहीं उठा सकती। इसके बाद कॉर्पोरेट सेक्टर से सेवानिवृत्त हुए 6730 कर्मचारी 1999 को जारी अधिसूचना के लाभ से वंचित रह गए। हैरानी की बात यह है कि 2004 से पहले लगे कर्मचारी जिन्होंने सरकार को पेंशन का विकल्प दिया था, उनको भी पेंशन से वंचित कर दिया गया।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इसके बाद से इस अधिसूचना को बहाल करने की मांग प्रदेश की हर सरकार से उठाई गई है लेकिन इसे बहाल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना की बहाली की आस में सेवानिवृत्त कर्मचारी 80 साल तक के हो गए हैं। कईयों की मौत तक हो चुकी है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 2022 में वर्तमान सरकार ने कॉर्पोरेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पेंशन देने की बात कही थी, लेकिन यह घोषणा भी सफेद हाथी ही साबित हुई है, जबकि इन कर्मचारियों ने कांग्रेस को सरकार बनाने में पूरा समर्थन दिया था।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि सरकार वादे के मुताबिक 1999 की अधिसूचना को बहाल करे। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जाहिर की सरकार उनकी इस आवश्यक मांग को पूरा करेगी।