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Sirmour News: हरिपुरधार को मिला सिविल अस्पताल का दर्जा
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सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुरधार (सिरमौर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार को दोबारा सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजार में मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री सुक्खू, रेणुका के विधायक विनय कुमार, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और नाहन के विधायक अजय सोलंकी का आभार जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2022 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार को सिविल अस्पताल में अपग्रेड किया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे डिनोटिफाई कर दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया था। इसके बाद क्षेत्रवासी अस्पताल को फिर से सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग कर रहे थे।
अब सरकार के फैसले के बाद क्षेत्रवासियों ने संतोष जताया है। लोगों ने उम्मीद जताई कि सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के साथ यहां पर्याप्त डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक जांच सुविधाएं, दवाइयां और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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इस अवसर पर आरटीए सदस्य दलीप चौहान, हिमाचल प्रदेश सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में सरकारी नामित सदस्य बृजराज ठाकुर, ग्राम पंचायत बड़ोल के प्रधान अनिल शर्मा, ग्राम पंचायत गहल के प्रधान ओपी ठाकुर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आंदोलन की जीत बताया
दियूड़ी खड़ांह पंचायत के प्रधान विनय छिंटा ने हरिपुरधार सीएचसी को दोबारा सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने को आंदोलन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को छह पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर हरिपुरधार सीएचसी को दोबारा सिविल अस्पताल बनाने की मांग उठाई गई थी। लगातार प्रयासों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
भाजपा नेताओं ने कसा तंज
भाजपा नेता मेला राम शर्मा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि करीब चार साल का कार्यकाल बीतने के बाद हरिपुरधार सीएचसी को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जारी नोटिफिकेशन महज ढाई-तीन लाइन का है। अस्पताल में अभी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में सवाल है कि क्षेत्र की जनता को वास्तविक स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरिपुरधार (सिरमौर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार को दोबारा सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाजार में मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री सुक्खू, रेणुका के विधायक विनय कुमार, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और नाहन के विधायक अजय सोलंकी का आभार जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2022 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरिपुरधार को सिविल अस्पताल में अपग्रेड किया था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे डिनोटिफाई कर दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया था। इसके बाद क्षेत्रवासी अस्पताल को फिर से सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग कर रहे थे।
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अब सरकार के फैसले के बाद क्षेत्रवासियों ने संतोष जताया है। लोगों ने उम्मीद जताई कि सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने के साथ यहां पर्याप्त डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक जांच सुविधाएं, दवाइयां और आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
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इस अवसर पर आरटीए सदस्य दलीप चौहान, हिमाचल प्रदेश सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में सरकारी नामित सदस्य बृजराज ठाकुर, ग्राम पंचायत बड़ोल के प्रधान अनिल शर्मा, ग्राम पंचायत गहल के प्रधान ओपी ठाकुर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आंदोलन की जीत बताया
दियूड़ी खड़ांह पंचायत के प्रधान विनय छिंटा ने हरिपुरधार सीएचसी को दोबारा सिविल अस्पताल का दर्जा मिलने को आंदोलन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को छह पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर हरिपुरधार सीएचसी को दोबारा सिविल अस्पताल बनाने की मांग उठाई गई थी। लगातार प्रयासों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
भाजपा नेताओं ने कसा तंज
भाजपा नेता मेला राम शर्मा ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि करीब चार साल का कार्यकाल बीतने के बाद हरिपुरधार सीएचसी को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जारी नोटिफिकेशन महज ढाई-तीन लाइन का है। अस्पताल में अभी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में सवाल है कि क्षेत्र की जनता को वास्तविक स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे मिलेंगी।