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Sirmour News: थर्ड पार्टी बीमा नहीं था तो मुआवजा देने की जिम्मेदारी भी नहीं
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साल 2024 में सड़क दुर्घटना का मामला, ओन डैमेज पॉलिसी होने पर बीमा कंपनी को क्लेम से किया बाहर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर। सड़क दुर्घटना के एक मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने वाहन की बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा दावे से बाहर करने का फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी योगेश जसवाल ने राघव शर्मा बनाम मेला राम एवं अन्य मामले में यह आदेश पारित किया।
वर्ष 2024 में वाहन चालक कृष्ण शर्मा की कथित लापरवाही के कारण वाहन गोशाला मोड़ के पास खाई में जा गिरा था। हादसे में याची को चोटें आई थीं। याचिका में वाहन की बीमा कंपनी को भी पक्षकार बनाया गया था। बीमा कंपनी ने आवेदन दायर कर कहा कि दुर्घटना के समय वाहन पर केवल स्टैंडअलोन ओन डैमेज पॉलिसी थी। इसलिए दुर्घटना में घायल तीसरे पक्ष को मुआवजा देने का कंपनी पर कोई कानूनी दायित्व नहीं बनता। वहीं, याची की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। वर्ष 2021 में खरीदे नए वाहन के लिए तीन वर्ष का थर्ड पार्टी कवर होना चाहिए था।
अधिकरण ने कहा कि बीमा कंपनी की तीसरे पक्ष के प्रति देनदारी तभी बनती है, जब उसके साथ वैध थर्ड पार्टी बीमा अनुबंध मौजूद हो। केवल स्टैंडअलोन ओन डैमेज पॉलिसी जारी होने से बीमा कंपनी पर तीसरे पक्ष को मुआवजा देने की जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती। अधिकरण ने बीमा कंपनी को मामले से हटाने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर। सड़क दुर्घटना के एक मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने वाहन की बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को मुआवजा दावे से बाहर करने का फैसला सुनाया है। पीठासीन अधिकारी योगेश जसवाल ने राघव शर्मा बनाम मेला राम एवं अन्य मामले में यह आदेश पारित किया।
वर्ष 2024 में वाहन चालक कृष्ण शर्मा की कथित लापरवाही के कारण वाहन गोशाला मोड़ के पास खाई में जा गिरा था। हादसे में याची को चोटें आई थीं। याचिका में वाहन की बीमा कंपनी को भी पक्षकार बनाया गया था। बीमा कंपनी ने आवेदन दायर कर कहा कि दुर्घटना के समय वाहन पर केवल स्टैंडअलोन ओन डैमेज पॉलिसी थी। इसलिए दुर्घटना में घायल तीसरे पक्ष को मुआवजा देने का कंपनी पर कोई कानूनी दायित्व नहीं बनता। वहीं, याची की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। वर्ष 2021 में खरीदे नए वाहन के लिए तीन वर्ष का थर्ड पार्टी कवर होना चाहिए था।
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अधिकरण ने कहा कि बीमा कंपनी की तीसरे पक्ष के प्रति देनदारी तभी बनती है, जब उसके साथ वैध थर्ड पार्टी बीमा अनुबंध मौजूद हो। केवल स्टैंडअलोन ओन डैमेज पॉलिसी जारी होने से बीमा कंपनी पर तीसरे पक्ष को मुआवजा देने की जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती। अधिकरण ने बीमा कंपनी को मामले से हटाने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को होगी।
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