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Sirmour News: जमटा में निक्षय शिविर, 83 के किए एक्सरे
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जमटा में आयोजित निक्षय शिविर में स्क्रीनिंग करवाने पहुंचे लोग। स्रोत : विभाग
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आज के कार्यक्रम की खबर
-लोगों को टीबी के लक्षण और बचाव की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खंड धगेड़ा की ओर से जमटा में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ टीबी के प्रति जागरूक किया गया।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिषा अग्रवाल ने बताया कि शिविर के दौरान 83 लोगों के एक्सरे किए गए। इसके अलावा 40 लोगों के स्पुटम (साई) टीबी टेस्ट भी किए गए। टीबी के संभावित लक्षण पाए जाने पर 10 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
उन्होंने बताया कि शिविर में हैंड हेल्ड पोर्टेबल मशीन के माध्यम से मौके पर ही एक्सरे जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई गई, जिससे दूरदराज के लोगों को काफी राहत मिली। शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
लोगों को बताया गया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसका समय पर पता लगाकर उपचार किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। साथ ही टीबी मरीजों के लिए संतुलित आहार और उचित देखभाल को भी आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि जिले में क्षयरोग मुक्त अभियान के तहत नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से न केवल लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, बल्कि उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि टीबी को जड़ से समाप्त किया जा सके। संवाद
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-लोगों को टीबी के लक्षण और बचाव की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खंड धगेड़ा की ओर से जमटा में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में लोगों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ टीबी के प्रति जागरूक किया गया।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिषा अग्रवाल ने बताया कि शिविर के दौरान 83 लोगों के एक्सरे किए गए। इसके अलावा 40 लोगों के स्पुटम (साई) टीबी टेस्ट भी किए गए। टीबी के संभावित लक्षण पाए जाने पर 10 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
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उन्होंने बताया कि शिविर में हैंड हेल्ड पोर्टेबल मशीन के माध्यम से मौके पर ही एक्सरे जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई गई, जिससे दूरदराज के लोगों को काफी राहत मिली। शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
लोगों को बताया गया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसका समय पर पता लगाकर उपचार किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। साथ ही टीबी मरीजों के लिए संतुलित आहार और उचित देखभाल को भी आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि जिले में क्षयरोग मुक्त अभियान के तहत नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से न केवल लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है, बल्कि उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि टीबी को जड़ से समाप्त किया जा सके। संवाद

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