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Sirmour News: रेटिना सर्जन डॉ. मंदीप ने दी आंखों की देखभाल और टीबी के लक्षणों की जानकारी
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सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सैनवाला में आयोजित किए जा रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के दौरान नाहन मेडिकल कॉलेज से पहुंचे रेटिना सर्जन डॉ. मंदीप ने विद्यार्थियों को आंखों की देखभाल, रेटिना से जुड़ी बीमारियों और टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि समय रहते बीमारी के लक्षणों को पहचानना और उचित चिकित्सकीय परामर्श लेना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. मंदीप ने आंखों को शरीर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंगों में से एक बताते हुए कहा कि आंखों की नियमित देखभाल और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है। उन्होंने रेटिना के महत्व को समझाते हुए बताया कि रेटिना आंख के पिछले हिस्से में मौजूद प्रकाश के प्रति संवेदनशील परत है, जो देखने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है। रेटिना से संबंधित समस्याओं का समय पर पता न चलने पर दृष्टि प्रभावित हो सकती है। इसलिए आंखों में अचानक धुंधलापन, नजर में बदलाव, रोशनी की चमक दिखाई देना, आंखों के सामने नए काले धब्बे या तैरते हुए बिंदु नजर आना जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेष रूप से अचानक दृष्टि कम होने या पर्दा-सा दिखाई देने की स्थिति में तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
इस मौके पर प्रधानाचार्य आयूब खान, एनएसएस अधिकारी गगन कुमार समेत अन्य शिक्षक और स्वयं सेवी मौजूद रहे।-- -- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सैनवाला में आयोजित किए जा रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के दौरान नाहन मेडिकल कॉलेज से पहुंचे रेटिना सर्जन डॉ. मंदीप ने विद्यार्थियों को आंखों की देखभाल, रेटिना से जुड़ी बीमारियों और टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि समय रहते बीमारी के लक्षणों को पहचानना और उचित चिकित्सकीय परामर्श लेना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. मंदीप ने आंखों को शरीर के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंगों में से एक बताते हुए कहा कि आंखों की नियमित देखभाल और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है। उन्होंने रेटिना के महत्व को समझाते हुए बताया कि रेटिना आंख के पिछले हिस्से में मौजूद प्रकाश के प्रति संवेदनशील परत है, जो देखने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है। रेटिना से संबंधित समस्याओं का समय पर पता न चलने पर दृष्टि प्रभावित हो सकती है। इसलिए आंखों में अचानक धुंधलापन, नजर में बदलाव, रोशनी की चमक दिखाई देना, आंखों के सामने नए काले धब्बे या तैरते हुए बिंदु नजर आना जैसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। विशेष रूप से अचानक दृष्टि कम होने या पर्दा-सा दिखाई देने की स्थिति में तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य आयूब खान, एनएसएस अधिकारी गगन कुमार समेत अन्य शिक्षक और स्वयं सेवी मौजूद रहे।
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