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Sirmour News: नाहन में शिक्षकों को सिखाए जा रहे उद्यमिता के गुर
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सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डाइट नाहन में पीएमश्री स्कूलों के शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता मानसिकता कार्यशाला के दूसरे दिन भी गतिविधि आधारित प्रशिक्षण जारी है। समग्र शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों को ऐसी शिक्षण विधियों की जानकारी दी जा रही है, जिनसे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान के कौशल विकसित किए जा सकें।
कार्यशाला में जिले के 12 पीएमश्री स्कूलों के 24 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है है। पहले दिन शिक्षकों को 20 मिनट में एक वस्तु के 100 अलग-अलग उपयोग बताने का टास्क दिया गया। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें लीक से हटकर सोचने और उपलब्ध संसाधनों के नए उपयोग तलाशने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, व्यावसायिक विचारों के विकास, समुदाय की समस्याओं की पहचान और उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल, क्विज, केस स्टडी और मूल्यांकन उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है।
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कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की सोच से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाले भी बन सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक अपने विद्यालयों में इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की समझ विकसित करेंगे। इस मौके पर जिला समन्वयक डॉ. शैली गोपाल भी मौजूद रहीं।-- -- -- -- -
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डाइट नाहन में पीएमश्री स्कूलों के शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता मानसिकता कार्यशाला के दूसरे दिन भी गतिविधि आधारित प्रशिक्षण जारी है। समग्र शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों को ऐसी शिक्षण विधियों की जानकारी दी जा रही है, जिनसे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान के कौशल विकसित किए जा सकें।
कार्यशाला में जिले के 12 पीएमश्री स्कूलों के 24 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है है। पहले दिन शिक्षकों को 20 मिनट में एक वस्तु के 100 अलग-अलग उपयोग बताने का टास्क दिया गया। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें लीक से हटकर सोचने और उपलब्ध संसाधनों के नए उपयोग तलाशने के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रशिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, व्यावसायिक विचारों के विकास, समुदाय की समस्याओं की पहचान और उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षकों को डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल, क्विज, केस स्टडी और मूल्यांकन उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी जा रही है।
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कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की सोच से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाले भी बन सकें। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक अपने विद्यालयों में इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की समझ विकसित करेंगे। इस मौके पर जिला समन्वयक डॉ. शैली गोपाल भी मौजूद रहीं।