{"_id":"6acf8c1f2f555383fa0eb394","slug":"nahan-medical-blood-center-news-nahan-news-c-177-1-nhn1002-191530-2026-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन में आठ करोड़ से सुधरेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: मेडिकल कॉलेज नाहन में आठ करोड़ से सुधरेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज नाहन का प्रवेश द्वार। संवाद
एक्सक्लूसिव
मेडिकल कॉलेज नाहन में आठ करोड़ से सुधरेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
-खराब एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी
-ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर लगाने की तैयारी, जल्द लगाए जाएंगे टेंडर
प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के लिए चंडीगढ़ की दौड़ से मिलेगी राहत
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार से मिली इस राशि से खराब मशीनरी और उपकरणों की मरम्मत के साथ जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अस्पताल प्रबंधन ने एनेस्थीसिया विभाग के खराब वर्कस्टेशन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं, जबकि ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर की सुविधा बहाल करने के लिए भी जल्द टेंडर लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ऑपरेशन थियेटर और ब्लड बैंक की सुविधाएं दुरुस्त होने से मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया विभाग के दो वर्कस्टेशन खराब हैं। इससे ऑपरेशन व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबी तारीखें मिल रही थीं। अब इनकी मरम्मत की प्रक्रिया शुरू होने से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से रक्त के अलग-अलग घटकों का उपयोग करने में परेशानी आती है।
विज्ञापन
रक्त से प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे घटक अलग करने के लिए आवश्यक मशीन और उपकरण स्थापित करने की योजना है। इसके लिए प्रबंधन की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। वर्तमान में प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की जरूरत पड़ने पर मरीजों को चंडीगढ़ जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में कंपोनेंट सेपरेटर की सुविधा शुरू होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर इन घटकों की उपलब्धता में मदद मिल सकेगी। इसके अलावा खराब ऑपरेशन थियेटर, मशीनरी और अन्य उपकरणों की मरम्मत व सुधार पर भी बजट खर्च किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. संगीता ढिल्लों ने बताया कि अस्पताल को आठ करोड़ रुपये का बजट मिला है। इसे जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जा रहा है। प्राथमिकता उन महत्वपूर्ण सुविधाओं को बहाल करने की है, जिनके प्रभावित होने से मरीजों के उपचार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्कस्टेशन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर स्थापित करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही इसके लिए भी टेंडर लगाया जाएगा। संवाद-- -- --
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज नाहन में आठ करोड़ से सुधरेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
-खराब एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी
-ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर लगाने की तैयारी, जल्द लगाए जाएंगे टेंडर
प्लेटलेट्स और प्लाज्मा के लिए चंडीगढ़ की दौड़ से मिलेगी राहत
चंद्र ठाकुर
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आठ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार से मिली इस राशि से खराब मशीनरी और उपकरणों की मरम्मत के साथ जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अस्पताल प्रबंधन ने एनेस्थीसिया विभाग के खराब वर्कस्टेशन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं, जबकि ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर की सुविधा बहाल करने के लिए भी जल्द टेंडर लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ऑपरेशन थियेटर और ब्लड बैंक की सुविधाएं दुरुस्त होने से मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन
अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया विभाग के दो वर्कस्टेशन खराब हैं। इससे ऑपरेशन व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबी तारीखें मिल रही थीं। अब इनकी मरम्मत की प्रक्रिया शुरू होने से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से रक्त के अलग-अलग घटकों का उपयोग करने में परेशानी आती है।
विज्ञापन
रक्त से प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे घटक अलग करने के लिए आवश्यक मशीन और उपकरण स्थापित करने की योजना है। इसके लिए प्रबंधन की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। वर्तमान में प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की जरूरत पड़ने पर मरीजों को चंडीगढ़ जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में कंपोनेंट सेपरेटर की सुविधा शुरू होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर इन घटकों की उपलब्धता में मदद मिल सकेगी। इसके अलावा खराब ऑपरेशन थियेटर, मशीनरी और अन्य उपकरणों की मरम्मत व सुधार पर भी बजट खर्च किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. संगीता ढिल्लों ने बताया कि अस्पताल को आठ करोड़ रुपये का बजट मिला है। इसे जरूरत के अनुसार चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जा रहा है। प्राथमिकता उन महत्वपूर्ण सुविधाओं को बहाल करने की है, जिनके प्रभावित होने से मरीजों के उपचार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वर्कस्टेशन की मरम्मत के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं। ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर स्थापित करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही इसके लिए भी टेंडर लगाया जाएगा। संवाद

मेडिकल कॉलेज नाहन का प्रवेश द्वार। संवाद