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Sirmour News: दूध का भुगतान न करने पर एक साल कैद, 7 लाख मुआवजे भी ठोका
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अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को ठहराया सही
दोषी ने महादेव मिल्क प्रोड्यूसर प्रोसेसिंग सोसायटी को नहीं किया था भुगतान
ट्रायल कोर्ट ने दोषी को सुनाई थी सजा
अब अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। दूध खरीदने के बाद उसका भुगतान न करने पर दोषी को जेल जाना होगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने चेक बाउंस के मामले में दोषी के कैद की सजा को बरकरार रखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (ट्रायल कोर्ट) के फैसले को सही ठहराया है।
28 सितंबर 2024 को ट्रायल कोर्ट ने सोलन जिला निवासी अजय कुमार ( मैसर्ज गीता मेडकॉस के मालिक) को एक साल कैद और 7 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी। न्यायाधीश गौरव महाजन ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।
यह मामला साल 2014 का राजगढ़ तहसील का है। शिकायतकर्ता महादेव मिल्क प्रोड्यूसर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी दूध और दूध से बने उत्पादों को इकट्ठा कर बेचती है। इसके अलावा अजय कुमार मेसर्स गीता मेडिकोस के नाम से दुकान चलाता है। सोसायटी ने उसे दूध की आपूर्ति की।
20 जून 2014 तक सोसायटी के पास 3,50,000 की देनदारी हो गई। इस बीच उसने देनदारी चुकाने के लिए 3.50 लाख की रकम का एक चेक जारी किया। बैंक में चेक बाउंस हो गया। इसके बाद मामला न्यायालय में चलाया गया।
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ट्रायल कोर्ट ने दोषी को सुनाई थी सजा
अब अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने अपील की खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। दूध खरीदने के बाद उसका भुगतान न करने पर दोषी को जेल जाना होगा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने चेक बाउंस के मामले में दोषी के कैद की सजा को बरकरार रखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (ट्रायल कोर्ट) के फैसले को सही ठहराया है।
28 सितंबर 2024 को ट्रायल कोर्ट ने सोलन जिला निवासी अजय कुमार ( मैसर्ज गीता मेडकॉस के मालिक) को एक साल कैद और 7 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई थी। इसी फैसले के खिलाफ दोषी ने अतिरिक्त सत्र अदालत में अपील दायर की थी। न्यायाधीश गौरव महाजन ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।
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यह मामला साल 2014 का राजगढ़ तहसील का है। शिकायतकर्ता महादेव मिल्क प्रोड्यूसर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी दूध और दूध से बने उत्पादों को इकट्ठा कर बेचती है। इसके अलावा अजय कुमार मेसर्स गीता मेडिकोस के नाम से दुकान चलाता है। सोसायटी ने उसे दूध की आपूर्ति की।
20 जून 2014 तक सोसायटी के पास 3,50,000 की देनदारी हो गई। इस बीच उसने देनदारी चुकाने के लिए 3.50 लाख की रकम का एक चेक जारी किया। बैंक में चेक बाउंस हो गया। इसके बाद मामला न्यायालय में चलाया गया।