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Sirmour News: पांवटा में हत्याकांड के बाद फूटा गुस्सा, एक घंटे चक्का जाम
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पांवटा साहिब में हत्याकांड मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर बस स्टैंड मार्ग पर चक्का
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डीएसपी और थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया, पुलिस के आश्वासन पर हटे
संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनाती और खराब सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त करने की मांग
कीदार तैनात करने की मांग
पुलिस बल बढ़ाने और शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। विश्वकर्मा चौक के पास शिलाई क्षेत्र के व्यक्ति की गला रेतकर हत्या के बाद मंगलवार को पांवटा साहिब में लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। आक्रोशित लोगों ने विश्वकर्मा चौक से बस स्टैंड सड़क पर करीब एक घंटे तक चक्का जाम कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों ने हत्याकांड के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने के साथ शहर की कानून व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात करने और सीसीटीवी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई।
धरने की सूचना मिलते ही डीएसपी पांवटा मानवेंद्र ठाकुर और थाना प्रभारी कुलवंत सिंह कंवर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक धरना देने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को शाम चार बजे तक का समय देते हुए जाम समाप्त किया।
पुलिस गश्त और सीसीटीवी व्यवस्था पर सवाल
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि विश्वकर्मा चौक जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित तैनाती क्यों नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय होना जरूरी है, तभी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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लोगों ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई कैमरे बंद पड़े हैं, जबकि कुछ कैमरों की गुणवत्ता खराब होने के कारण महत्वपूर्ण घटनाओं की स्पष्ट फुटेज मिलना मुश्किल है। उन्होंने संवेदनशील और अपराध संभावित क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की।
इससे पहले डीएसपी कार्यालय के समीप पत्रकारों से बातचीत में मृतक के रिश्तेदार जय ठाकुर, दून पहाड़ी संगठन के सचिव कुंदन सिंह शर्मा और अधिवक्ता रविंद्र ठाकुर ने भी पांवटा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों की सीमा से सटे पांवटा साहिब में पिछले कई दशकों में आबादी और कारोबार तेजी से बढ़ा है, लेकिन पुलिस बल में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, क्रशर और खनन गतिविधियां संचालित होती हैं। इनमें स्थानीय लोगों के साथ प्रवासी कामगार भी कार्यरत हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
पार्किंग में असामाजिक तत्वों का रहता है जमावड़ा
ग्रामीणों ने नगर परिषद की नवनिर्मित पार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पार्किंग के बेसमेंट में निगरानी के अभाव में नशे के आदी लोगों और जुआरियों का जमावड़ा रहता है। पार्किंग का संचालन नहीं होने के साथ प्रवेश और निकास मार्गों पर ताले भी नहीं लगाए जा रहे हैं। उन्होंने पार्किंग में चौकीदार तैनात करने और प्रवेश-निकास व्यवस्था नियंत्रित करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस और प्रशासन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनाती और खराब सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त करने की मांग
कीदार तैनात करने की मांग
पुलिस बल बढ़ाने और शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। विश्वकर्मा चौक के पास शिलाई क्षेत्र के व्यक्ति की गला रेतकर हत्या के बाद मंगलवार को पांवटा साहिब में लोगों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। आक्रोशित लोगों ने विश्वकर्मा चौक से बस स्टैंड सड़क पर करीब एक घंटे तक चक्का जाम कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों ने हत्याकांड के आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने के साथ शहर की कानून व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात करने और सीसीटीवी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई।
धरने की सूचना मिलते ही डीएसपी पांवटा मानवेंद्र ठाकुर और थाना प्रभारी कुलवंत सिंह कंवर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब एक घंटे तक धरना देने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को शाम चार बजे तक का समय देते हुए जाम समाप्त किया।
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पुलिस गश्त और सीसीटीवी व्यवस्था पर सवाल
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि विश्वकर्मा चौक जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित तैनाती क्यों नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय होना जरूरी है, तभी आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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लोगों ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई कैमरे बंद पड़े हैं, जबकि कुछ कैमरों की गुणवत्ता खराब होने के कारण महत्वपूर्ण घटनाओं की स्पष्ट फुटेज मिलना मुश्किल है। उन्होंने संवेदनशील और अपराध संभावित क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की।
इससे पहले डीएसपी कार्यालय के समीप पत्रकारों से बातचीत में मृतक के रिश्तेदार जय ठाकुर, दून पहाड़ी संगठन के सचिव कुंदन सिंह शर्मा और अधिवक्ता रविंद्र ठाकुर ने भी पांवटा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों की सीमा से सटे पांवटा साहिब में पिछले कई दशकों में आबादी और कारोबार तेजी से बढ़ा है, लेकिन पुलिस बल में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, क्रशर और खनन गतिविधियां संचालित होती हैं। इनमें स्थानीय लोगों के साथ प्रवासी कामगार भी कार्यरत हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
पार्किंग में असामाजिक तत्वों का रहता है जमावड़ा
ग्रामीणों ने नगर परिषद की नवनिर्मित पार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी पार्किंग के बेसमेंट में निगरानी के अभाव में नशे के आदी लोगों और जुआरियों का जमावड़ा रहता है। पार्किंग का संचालन नहीं होने के साथ प्रवेश और निकास मार्गों पर ताले भी नहीं लगाए जा रहे हैं। उन्होंने पार्किंग में चौकीदार तैनात करने और प्रवेश-निकास व्यवस्था नियंत्रित करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस और प्रशासन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पांवटा साहिब में हत्याकांड मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर बस स्टैंड मार्ग पर चक्का