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Sirmour News: शहरी क्षेत्र से सटी पंचायतों में पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था
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नगर परिषद पांवटा साहिबशहरी क्षेत्र के साथ लगती पंचायतों में सफाई चरमराई। संवाद
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एनएच-07 और 707 के किनारे लगे कूड़े के ढेर, लोग परेशान
लोगों ने उठाई स्थायी कचरा निस्तारण व्यवस्था की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। नगर परिषद पांवटा साहिब के शहरी क्षेत्र से सटी पंचायतों में सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07), पांवटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-707) और विभिन्न संपर्क सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने पंचायत स्तर पर कचरा निस्तारण की ठोस व्यवस्था न होने पर चिंता जताई है।
क्लीन पांवटा-ग्रीन पांवटा अभियान के संयोजक आरपी तिवारी, सदस्य पंकज भटनागर, मनिंद्र सिंह, निखिल कपिल और क्षेत्रवासियों दिनेश शर्मा, संतोष, रेखा, अंजू और बबीता ने बताया कि पांवटा से नाहन जाने वाले एनएच-07 पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। बाता पुल, सूरजपुर, मालवा कॉटन क्षेत्र से लेकर माजरा और सैनवाला तक कई स्थानों पर सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। बद्रीपुर पंचायत में निजी स्कूलों को जोड़ने वाले मार्ग के किनारे भी कूड़े के ढेर लगे हैं।
उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कुंजा, अमरकोट और अन्य क्षेत्रों में जंगल मार्गों व संपर्क सड़कों के आसपास भी अवैज्ञानिक तरीके से कचरा डाला जा रहा है। कई स्थानों पर कूड़े में आग लगा दिए जाने से प्रदूषण फैल रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अमरकोट क्षेत्र में बड़ी संख्या में रह रहे प्रवासी कामगार परिवारों द्वारा जंगल से सटे रास्तों पर कचरा फेंके जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
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क्षेत्रवासियों का कहना है कि पंचायतों में कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए कोई स्थायी डंपिंग स्थल उपलब्ध नहीं है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध व प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों से नियमित सफाई अभियान चलाने और खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इनसेट-1
पंचायतों को कार्रवाई के निर्देश : बीडीओ
खंड विकास अधिकारी पांवटा साहिब विकास बंसल ने बताया कि पंचायतों को खुले में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि धौलाकुआं में प्लास्टिक वेस्ट यूनिट स्थापित की जा रही है, जिसमें आसपास की पंचायतों का कूड़ा-कचरा भेजा जाएगा।
इनसेट-2
इन पंचायतों को कूड़ा संयंत्र योजना से जोड़ने की मांग
पर्यावरण प्रेमी मनिंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, अक्षय कुमार और अखिल शर्मा ने कहा कि पांवटा ब्लॉक की बद्रीपुर, भाटांवाली, कुंजा, अमरकोट, बहराल, पातलियों, पुरुवाला, पिपलीवाला, क्यारदा, मिश्रवाला, मेलियों, माजरा, सैनवाला मुबारिकपुर, धौलाकुआं और कोलर पंचायतों को एकीकृत कूड़ा संयंत्र योजना से जोड़ने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
लोगों ने उठाई स्थायी कचरा निस्तारण व्यवस्था की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। नगर परिषद पांवटा साहिब के शहरी क्षेत्र से सटी पंचायतों में सफाई व्यवस्था बदहाल होती जा रही है। देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-07), पांवटा-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-707) और विभिन्न संपर्क सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने पंचायत स्तर पर कचरा निस्तारण की ठोस व्यवस्था न होने पर चिंता जताई है।
क्लीन पांवटा-ग्रीन पांवटा अभियान के संयोजक आरपी तिवारी, सदस्य पंकज भटनागर, मनिंद्र सिंह, निखिल कपिल और क्षेत्रवासियों दिनेश शर्मा, संतोष, रेखा, अंजू और बबीता ने बताया कि पांवटा से नाहन जाने वाले एनएच-07 पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। बाता पुल, सूरजपुर, मालवा कॉटन क्षेत्र से लेकर माजरा और सैनवाला तक कई स्थानों पर सड़क किनारे कूड़ा फेंका जा रहा है। बद्रीपुर पंचायत में निजी स्कूलों को जोड़ने वाले मार्ग के किनारे भी कूड़े के ढेर लगे हैं।
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उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कुंजा, अमरकोट और अन्य क्षेत्रों में जंगल मार्गों व संपर्क सड़कों के आसपास भी अवैज्ञानिक तरीके से कचरा डाला जा रहा है। कई स्थानों पर कूड़े में आग लगा दिए जाने से प्रदूषण फैल रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अमरकोट क्षेत्र में बड़ी संख्या में रह रहे प्रवासी कामगार परिवारों द्वारा जंगल से सटे रास्तों पर कचरा फेंके जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि पंचायतों में कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए कोई स्थायी डंपिंग स्थल उपलब्ध नहीं है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध व प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने पंचायत प्रतिनिधियों से नियमित सफाई अभियान चलाने और खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इनसेट-1
पंचायतों को कार्रवाई के निर्देश : बीडीओ
खंड विकास अधिकारी पांवटा साहिब विकास बंसल ने बताया कि पंचायतों को खुले में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि धौलाकुआं में प्लास्टिक वेस्ट यूनिट स्थापित की जा रही है, जिसमें आसपास की पंचायतों का कूड़ा-कचरा भेजा जाएगा।
इनसेट-2
इन पंचायतों को कूड़ा संयंत्र योजना से जोड़ने की मांग
पर्यावरण प्रेमी मनिंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, अक्षय कुमार और अखिल शर्मा ने कहा कि पांवटा ब्लॉक की बद्रीपुर, भाटांवाली, कुंजा, अमरकोट, बहराल, पातलियों, पुरुवाला, पिपलीवाला, क्यारदा, मिश्रवाला, मेलियों, माजरा, सैनवाला मुबारिकपुर, धौलाकुआं और कोलर पंचायतों को एकीकृत कूड़ा संयंत्र योजना से जोड़ने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।