Himachal AQI: दो माह बाद हुई बद्दी की आबोहवा में सुधार, एक्यूआई 104 पहुंचा, जानें अन्य शहरों का हाल
अब मौसम बदलने के बाद 104 तक पहुंच गया है। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। अभी कुछ दिन पहले तक मॉडरेट व पूअर जोन में बद्दी का एक्यूआई रह रहा था।
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बारिश के बाद बद्दी की आबोहवा में सुधार हुआ है। यहां पर पिछले दो माह से एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 300 से ऊपर जा रहा था। अब मौसम बदलने के बाद 104 तक पहुंच गया है। बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। अभी कुछ दिन पहले तक मॉडरेट व पूअर जोन में बद्दी का एक्यूआई रह रहा था। अब जैसे ही बारिश हुई को हवा में प्रदूषण की मात्रा कम हुई है। शिमला की हवा सबसे अच्छी रही। यहां एक्यूआई 41 रहा। बद्दी व पांवटा साहिब में एक्यू्आई मॉडरेट जोन में रहा, बाकी प्रदेश के सभी स्थानों पर एक्यूआई 100 से नीचे ही रहा। पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्था हिम परिवेश के अध्यक्ष लक्ष्मी चंद ठाकुर ने कहा कि बद्दी में उद्योगों का प्रदूषण अधिक है और बारिश के बाद हवा साफ होने से अचानक नीचे आया है। बद्दी में रहने वाले लोग इस प्रदूषण को बर्दाश्त कर रहे हैं। यहां पर आने वाले कई उद्योगपति शाम के समय चंडीगढ़ चले जाते हैं। असली प्रदूषण को यहां की जनता को झेलना पड़ रहा है।
शहर का नाम एक्यूआई
| बद्दी | 104 |
| पांवटा साहिब | 132 |
| शिमला | 41 |
| परवाणू | 49 |
| सुंदरनगर | 59 |
| धर्मशाला | 57 |
| मनाली | 71 |
| ऊना | 74 |
| डमटाल | 60 |
| कालाअंब | 89 |
| नालागढ़ | 82 |
| बरोटीवाला | 83 |
प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बद्दी में सड़कों से उड़ने वाली धूल एक्यूआई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। बोर्ड ने लोक निर्माण विभाग को जहां पर सड़कों को ठीक करने को लिखा है। वहीं पुलिस अधीक्षक को भी पत्र लिखकर खुले में टिपर में रेत व बजरी ले जाने पर चालान करने की अपील की है। बद्दी-नालागढ़ फोरलेन का न बनना भी इसके पीछे कारण है। इसके अलावा अत्यधिक वाहनों को धुआं भी एक्यूआई को बढ़ाता है।