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Solan News: शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन, एफएलएन और मिशन व्हाइट अंब्रेला पर रहा फोकस
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सेंटर हेड टीचर्स और बीईईओ की समीक्षा बैठक में पोषण, साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों की हुई समीक्षा
कंडाघाट और सोलन शिक्षा खंडों के अध्यापकों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से सेंटर हेड टीचर्स (सीएचटी) और ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर्स (बीईईओ) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप जिला शिक्षा अधिकारी सोलन राज कुमार पराशर ने की। शैक्षणिक खंड सोलन और कंडाघाट के संयुक्त सत्र में 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। पहले एजेंडे के तहत कक्षा तीन तक और नौ वर्ष की आयु तक के बच्चों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) में दक्ष बनाने पर जोर दिया गया। एफएलएन टास्क फोर्स के सदस्य एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सीएचटी को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। इस दौरान देवी संस्थान जिला सोलन की समन्वयक मोनिका, बिंदु महाजन और प्रदीप ने विषय से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में मिशन व्हाइट अंब्रेला पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यूट्रीशन गार्डन और ईको क्लब के सहयोग से मिड-डे मील में छात्रों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। बताया गया कि जिला के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन में इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उप जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कई स्कूलों में मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बैठक में जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हरी राम चंदेल भी उपस्थित रहे।
ईको क्लब गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश
तीसरे एजेंडे के तहत स्कूलों में ईको क्लब की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके तहत स्कूल परिसर के सौंदर्यीकरण, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न पहलों को लागू करने के निर्देश दिए गए। समग्र शिक्षा के यूथ एवं इको क्लब कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान तथा हिमकोस्ट हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रायोजित सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के ग्रीन स्कूल कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई।
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कंडाघाट और सोलन शिक्षा खंडों के अध्यापकों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से सेंटर हेड टीचर्स (सीएचटी) और ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर्स (बीईईओ) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप जिला शिक्षा अधिकारी सोलन राज कुमार पराशर ने की। शैक्षणिक खंड सोलन और कंडाघाट के संयुक्त सत्र में 40 प्रतिभागियों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा की गई। पहले एजेंडे के तहत कक्षा तीन तक और नौ वर्ष की आयु तक के बच्चों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) में दक्ष बनाने पर जोर दिया गया। एफएलएन टास्क फोर्स के सदस्य एवं उप जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सीएचटी को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए। इस दौरान देवी संस्थान जिला सोलन की समन्वयक मोनिका, बिंदु महाजन और प्रदीप ने विषय से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में मिशन व्हाइट अंब्रेला पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यूट्रीशन गार्डन और ईको क्लब के सहयोग से मिड-डे मील में छात्रों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। बताया गया कि जिला के विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन में इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उप जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कई स्कूलों में मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बैठक में जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हरी राम चंदेल भी उपस्थित रहे।
ईको क्लब गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश
तीसरे एजेंडे के तहत स्कूलों में ईको क्लब की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके तहत स्कूल परिसर के सौंदर्यीकरण, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न पहलों को लागू करने के निर्देश दिए गए। समग्र शिक्षा के यूथ एवं इको क्लब कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान तथा हिमकोस्ट हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रायोजित सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के ग्रीन स्कूल कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई।
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