{"_id":"6a1f19c4392e089e4e0e84b7","slug":"farmers-farm-work-affected-due-to-non-availability-of-petrol-and-diesel-in-cans-solan-news-c-176-1-ssml1041-170652-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: कैन में पेट्रोल-डीजल न मिलने से किसानों के खेतों का काम प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: कैन में पेट्रोल-डीजल न मिलने से किसानों के खेतों का काम प्रभावित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बुआई और जुताई के सीजन में बढ़ी किसानों की परेशानी, कृषि उपकरण खेतों में पड़े बेकार
कृषि कार्यों पर पड़ा असर, किसानों ने प्रशासन से राहत की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपमंडल सोलन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के सामने इन दिनों खेतों की बुआई, जुताई और अन्य कृषि कार्यों को लेकर नई परेशानी खड़ी हो गई है। पेट्रोल पंपों पर बोतल और कैन में पेट्रोल-डीजल देने पर लगाई गई रोक के कारण किसानों को कृषि कार्यों के संचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों खेतों की जुताई और गुड़ाई का सीजन चल रहा है। पारंपरिक बैलों की जगह अब अधिकांश किसान पावर ट्रिलर जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों से कैन में ईंधन नहीं मिलने के कारण खेतों में काम प्रभावित हो रहा है। डांगरी के किसान रंजु, गणेश दत्त, भूपेंद्र तथा जौणाजी के किसान जगदीश चौहान और धरोट के किसान दीपक ने बताया कि सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में कृषि कार्य रुकने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि आज खेती-बाड़ी में पावर ट्रिलर, अर्थ ऑगर और घास काटने वाली मशीनों का व्यापक उपयोग हो रहा है, जो पेट्रोल और डीजल से संचालित होती हैं। किसानों के अनुसार इन मशीनों को खेतों से उठाकर पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में कैन या बोतल में ईंधन न मिलने से ये महंगे कृषि उपकरण खेतों और घरों में बेकार पड़े हुए हैं। स्थानीय किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसानों की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें कृषि उपकरणों के उपयोग के लिए कैन में पेट्रोल-डीजल ले जाने की विशेष अनुमति दी जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों और समय पर बुआई एवं जुताई का काम पूरा किया जा सके।
केवल वाहनों को ही दिया जा रहा ईंधन
किसानों ने बताया कि जब वे कृषि उपकरणों के लिए कैन लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचते हैं तो उन्हें ईंधन देने से मना कर दिया जाता है। पंप कर्मचारी केवल कार, बाइक, स्कूटी और अन्य वाहनों की टंकियों में ही पेट्रोल-डीजल भर रहे हैं।
Trending Videos
कृषि कार्यों पर पड़ा असर, किसानों ने प्रशासन से राहत की लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपमंडल सोलन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के सामने इन दिनों खेतों की बुआई, जुताई और अन्य कृषि कार्यों को लेकर नई परेशानी खड़ी हो गई है। पेट्रोल पंपों पर बोतल और कैन में पेट्रोल-डीजल देने पर लगाई गई रोक के कारण किसानों को कृषि कार्यों के संचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों खेतों की जुताई और गुड़ाई का सीजन चल रहा है। पारंपरिक बैलों की जगह अब अधिकांश किसान पावर ट्रिलर जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन पेट्रोल पंपों से कैन में ईंधन नहीं मिलने के कारण खेतों में काम प्रभावित हो रहा है। डांगरी के किसान रंजु, गणेश दत्त, भूपेंद्र तथा जौणाजी के किसान जगदीश चौहान और धरोट के किसान दीपक ने बताया कि सीजन के इस महत्वपूर्ण समय में कृषि कार्य रुकने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना है कि आज खेती-बाड़ी में पावर ट्रिलर, अर्थ ऑगर और घास काटने वाली मशीनों का व्यापक उपयोग हो रहा है, जो पेट्रोल और डीजल से संचालित होती हैं। किसानों के अनुसार इन मशीनों को खेतों से उठाकर पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं है। ऐसे में कैन या बोतल में ईंधन न मिलने से ये महंगे कृषि उपकरण खेतों और घरों में बेकार पड़े हुए हैं। स्थानीय किसानों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसानों की पहचान सुनिश्चित कर उन्हें कृषि उपकरणों के उपयोग के लिए कैन में पेट्रोल-डीजल ले जाने की विशेष अनुमति दी जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों और समय पर बुआई एवं जुताई का काम पूरा किया जा सके।
केवल वाहनों को ही दिया जा रहा ईंधन
किसानों ने बताया कि जब वे कृषि उपकरणों के लिए कैन लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचते हैं तो उन्हें ईंधन देने से मना कर दिया जाता है। पंप कर्मचारी केवल कार, बाइक, स्कूटी और अन्य वाहनों की टंकियों में ही पेट्रोल-डीजल भर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन