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Solan News: बसाल का बीटेक युवा, मशरूम से कमा रहा लाखों
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बसाल का युुवा किसान राहुल।
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40 महिलाओं को स्वरोजगार का रास्ता दिखा चुके हैं राहुल
छह महीने में ढाई लाख तक मुनाफा दे रही मशरूम खेती
प्रशिक्षण और सोशल मीडिया से सीखी तकनीक, अब दूसरों को सिखा रहे हुनर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में बटन मशरूम की खेती युवाओं के लिए रोजगार का प्रमुख साधन बनती जा रही है। इसके तहत सोलन से सटे बसाल के युवा किसान राहुल युवाओं के लिए मिसाल बने हैं। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के पीछे न भागते हुए राहुल मशरूम खेती से हर वर्ष लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके साथ ही वे महिलाओं को भी मशरूम से स्वरोजगार का रास्ता दिखा रहे हैं। अभी तक राहुल बसाल और आसपास की 40 महिलाओं को मशरूम उत्पादन से संबंधित प्रशिक्षण दे चुके हैं।
वर्ष 2018 में पढ़ाई पूरी करने के बाद राहुल ने खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन से बटन मशरूम का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वर्ष 2020 में 200 बैग के साथ बटन मशरूम पर काम शुरू किया। मेहनत और लगन का परिणाम रहा कि आज मशरूम उत्पादन से छह महीने के एक सीजन में दो से ढाई लाख रुपये तक का मुनाफा हो जाता है। इस समय वे प्रति वर्ष 1600 से 2000 बैग मशरूम लगा रहे हैं। इससे उन्हें लाखों रुपये की आमदनी हो रही है। इसके साथ ही वह अपने मशरूम फार्म में अन्य युवाओं को भी रोजगार दे रहे हैं।
राहुल ने बताया कि जब उन्होंने मशरूम का कार्य शुरू किया तो काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बार मशरूम उत्पादन के लिए आवश्यक तापमान को नियंत्रित करने में दिक्कतें आईं। लेकिन खुंब अनुसंधान निदेशालय के विशेषज्ञों और यू-ट्यूब से मिली जानकारी से उन्होंने इन चुनौतियों को पार किया। अब वह अपने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूह भी मशरूम उत्पादन से जुड़ी जानकारी के लिए उनसे संपर्क करते रहते हैं।
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छह महीने में ढाई लाख तक मुनाफा दे रही मशरूम खेती
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में बटन मशरूम की खेती युवाओं के लिए रोजगार का प्रमुख साधन बनती जा रही है। इसके तहत सोलन से सटे बसाल के युवा किसान राहुल युवाओं के लिए मिसाल बने हैं। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के पीछे न भागते हुए राहुल मशरूम खेती से हर वर्ष लाखों रुपये कमा रहे हैं। इसके साथ ही वे महिलाओं को भी मशरूम से स्वरोजगार का रास्ता दिखा रहे हैं। अभी तक राहुल बसाल और आसपास की 40 महिलाओं को मशरूम उत्पादन से संबंधित प्रशिक्षण दे चुके हैं।
वर्ष 2018 में पढ़ाई पूरी करने के बाद राहुल ने खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन से बटन मशरूम का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वर्ष 2020 में 200 बैग के साथ बटन मशरूम पर काम शुरू किया। मेहनत और लगन का परिणाम रहा कि आज मशरूम उत्पादन से छह महीने के एक सीजन में दो से ढाई लाख रुपये तक का मुनाफा हो जाता है। इस समय वे प्रति वर्ष 1600 से 2000 बैग मशरूम लगा रहे हैं। इससे उन्हें लाखों रुपये की आमदनी हो रही है। इसके साथ ही वह अपने मशरूम फार्म में अन्य युवाओं को भी रोजगार दे रहे हैं।
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राहुल ने बताया कि जब उन्होंने मशरूम का कार्य शुरू किया तो काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बार मशरूम उत्पादन के लिए आवश्यक तापमान को नियंत्रित करने में दिक्कतें आईं। लेकिन खुंब अनुसंधान निदेशालय के विशेषज्ञों और यू-ट्यूब से मिली जानकारी से उन्होंने इन चुनौतियों को पार किया। अब वह अपने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूह भी मशरूम उत्पादन से जुड़ी जानकारी के लिए उनसे संपर्क करते रहते हैं।

बसाल का युुवा किसान राहुल।