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LPG Crisis: हिमाचल में व्यावसायिक सिलिंडर का कोटा 20 से 70 फीसदी हुआ, होटल कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत
सोमदत्त शर्मा, सोलन।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 29 Mar 2026 10:38 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में रविवार से प्रदेशभर में व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बढ़ जाएगी और आसानी से सिलिंडर मिल सकेंगे। इससे सबसे ज्यादा फायदा होटलों, ढाबों व रेस्तरां समेत उद्योगों को मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर...
व्यावसायिक सिलिंडर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत दी है। पर्यटन कारोबार को देखते हुए अब प्रदेश भर के होटलों, ढाबों व रेस्तरां समेत उद्योगों के कोटा खपत को 70 फीसदी तक बढ़ा दिया है। इससे पहले यह कुल उपयोग का कोटा 20 फीसदी था।
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इसके लिए प्रदेश सरकार के खाद्य आपूर्ति निगम के अंडर सेकेट्री ने अधिसूचना जारी कर दी है। जिसके बाद अब बद्दी के गैस सिलिंडर प्लांटों में भी व्यावसायिक सिलिंडर की रिफिलिंग बढ़ा दी है। रविवार से प्रदेशभर में व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति बढ़ जाएगी और आसानी से सिलिंडर मिल सकेंगे। साथ ही सरकार ने इसमें कई नए उद्योग भी जोड़ दिए हैं, जिन्हें पहले सिलिंडर नहीं दिए जा रहे थे, मगर अब सिलिंडर आवंटित किए जाएंगे।
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साथ ही सरकार ने इसमें सरकार ने अब अलग-अलग संस्थानों के कोटे में भी बदलाव कर दिया है। जिसमें सबसे अधिक राहत होटलों व ढाबों को दी है। इसमें जहां होटलों, ढाबों आदि को सिलिंडर देने का कोटा 7 फीसदी बढ़ा दिया है, वहीं स्कूलों व अस्पताल के कोटे को 4 फीसदी तक कम कर दिया है। इसके अलावा अन्य कोटे भी एक-एक फीसदी कम कर दिए हैं।
कई नए उद्योगों को जोड़ने से भी अब उद्योगों को आसानी से सिलिंडर मिल सकेंगे। हालांकि अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि उपभोक्ताओं किसी न किसी गैस कंपनी में पंजीकृत होना चाहिए, तभी उसे सिलिंडर दिए जाएंगे। सरकार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में प्रतिदिन 6000 व्यावसायिक सिलिंडरों की जरूरत रहती है। जहां पहले 20 फीसदी कोटे से मात्र 1200 सिलिंडर ही मिल पा रहे थे, अब यह 4000 ये अधिक कर दिए हैं।
इन नए उद्योगों को मिलेगी सुविधा
अब नए उद्योगों को भी इसमें जोड़ दिया गया है। जिन्हें पहले सिलिंडर नहीं दिए जा रहे थे और उन्हें गैस सिलिंडरों की जरूरत थी। प्रदेश में इसके करीब 500 से ज्यादा उद्योग हैं। इनमें स्टील, ऑटोमोबाइल, वस्त्र रंग रसायन, प्लास्टिक उद्योग शामिल हैं। हालांकि इसमें यह शर्त जोड़ी गई है कि इनमें लोगों को रोजगार दिया गया हो और यह जरूरी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इससे पहले फार्मा और गत्ता उद्योगों को ही प्राथमिकता दी गई थीं। मगर अब इन नए उद्योगों को भी जोड़ दिया गया है।
अब नए उद्योगों को भी इसमें जोड़ दिया गया है। जिन्हें पहले सिलिंडर नहीं दिए जा रहे थे और उन्हें गैस सिलिंडरों की जरूरत थी। प्रदेश में इसके करीब 500 से ज्यादा उद्योग हैं। इनमें स्टील, ऑटोमोबाइल, वस्त्र रंग रसायन, प्लास्टिक उद्योग शामिल हैं। हालांकि इसमें यह शर्त जोड़ी गई है कि इनमें लोगों को रोजगार दिया गया हो और यह जरूरी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इससे पहले फार्मा और गत्ता उद्योगों को ही प्राथमिकता दी गई थीं। मगर अब इन नए उद्योगों को भी जोड़ दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक सिलिंडरों का कोटा 20 से बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें कई नए उद्योगों को भी शामिल किया गया है, जिनमें अब सिलिंडर दिए जाएंगे। इससे प्रदेश के होटल कारोबारियों समेत उद्योगपतियों को काफी राहत मिलेगी। -श्रवण हिमालयन, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सोलन
कोटे में किया गया बदलाव
व्यावसायिक सिलिंडरों के आवंटन के लिए सरकार ने नए सिरे से कोटा तय किया है। इसमें अब सबसे अधिक कोटा होटल, ढाबे, रेस्तरां, फूड प्रोसेसिंग यूनिट व डायरी को दिया जाएगा उन्हें अब 43 फीसदी सिलिंडर मिलेंगे जबकि पहले इनका 36 फीसदी कोटा था। इसी तरह शिक्षण संस्थानों का कोटा अब 33 फीसदी होगा, जो पहले 37 था। जबकि सोशल गेदरिंग, फार्मा उद्योगों और सरकार संस्थानों में कैंटीन के लिए 9-9 फीसदी कोटा घटाकर 8-8 फीसदी तय कर दिया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यह भी तय करेंगे कि तय कोटे से अधिक सिलिंडर न दिए जाएं।
व्यावसायिक सिलिंडरों के आवंटन के लिए सरकार ने नए सिरे से कोटा तय किया है। इसमें अब सबसे अधिक कोटा होटल, ढाबे, रेस्तरां, फूड प्रोसेसिंग यूनिट व डायरी को दिया जाएगा उन्हें अब 43 फीसदी सिलिंडर मिलेंगे जबकि पहले इनका 36 फीसदी कोटा था। इसी तरह शिक्षण संस्थानों का कोटा अब 33 फीसदी होगा, जो पहले 37 था। जबकि सोशल गेदरिंग, फार्मा उद्योगों और सरकार संस्थानों में कैंटीन के लिए 9-9 फीसदी कोटा घटाकर 8-8 फीसदी तय कर दिया है। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक यह भी तय करेंगे कि तय कोटे से अधिक सिलिंडर न दिए जाएं।