{"_id":"69d658036a8793a3740ac857","slug":"demands-of-sfi-solan-news-c-176-1-ssml1041-166803-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: निजी विवि में अश्लील चैट प्रकरण पर भड़की एसएफआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: निजी विवि में अश्लील चैट प्रकरण पर भड़की एसएफआई
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग, बोले-दोषी पाए जाने पर प्रोफेसर किया जाए बर्खास्त
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। एसएफआई हिमाचल प्रदेश ने जिला सोलन के एक विवि में प्रोफेसर की ओर से छात्राओं के साथ की गई कथित अश्लील चैट के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। एसएफआई ने इस घटना को अत्यंत गंभीर, शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
एसएफआई के राज्य नेतृत्व ने कहा कि यह घटना न केवल एक शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन है, बल्कि इसने पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। संगठन का मानना है कि शिक्षण संस्थान समाज के निर्माण के केंद्र होते हैं और वहां छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन ऐसी घटनाओं ने पूरे शैक्षणिक तंत्र पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। छात्रों के विरोध का समर्थन करते हुए एसएफआई ने प्रशासन के समक्ष मांगें रखी हैं। इसमें मामले की उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच, दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। कहा कि कैंपस में आंतरिक शिकायत समिति को प्रभावी बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और राज्य सचिव सनी सेक्टा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। एसएफआई हिमाचल प्रदेश ने जिला सोलन के एक विवि में प्रोफेसर की ओर से छात्राओं के साथ की गई कथित अश्लील चैट के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। एसएफआई ने इस घटना को अत्यंत गंभीर, शर्मनाक और निंदनीय बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
एसएफआई के राज्य नेतृत्व ने कहा कि यह घटना न केवल एक शिक्षक की नैतिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन है, बल्कि इसने पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है। संगठन का मानना है कि शिक्षण संस्थान समाज के निर्माण के केंद्र होते हैं और वहां छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, लेकिन ऐसी घटनाओं ने पूरे शैक्षणिक तंत्र पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। छात्रों के विरोध का समर्थन करते हुए एसएफआई ने प्रशासन के समक्ष मांगें रखी हैं। इसमें मामले की उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच, दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है। कहा कि कैंपस में आंतरिक शिकायत समिति को प्रभावी बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और राज्य सचिव सनी सेक्टा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन