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Solan News: श्रीकृष्ण व सुदामा की दोस्ती का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। ग्राम पंचायत धरोट के बिजेश्वर देव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया। कथा वाचक आचार्य सौरभ शर्मा ने कथा के अंतिम दिन श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता तथा उनकी लीलाओं का वर्णन किया। आचार्य सौरभ शर्मा ने कहा कि भगवान स्वयं तब आते हैं जब भक्त का आचरण सही होता है। उन्होंने बताया कि अगर सच्ची दोस्ती करनी है तो श्रीकृष्ण से करें, क्योंकि श्रीकृष्ण कभी भी भरोसा नहीं तोड़ते। आचार्य ने उदाहरण के तौर पर सुदामा और श्रीकृष्ण की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान ने यह संदेश दिया कि दोस्ती में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। श्रीकृष्ण और सुदामा का रिश्ता इस बात का प्रमाण है कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत या सामाजिक स्थिति का कोई मायने नहीं होता।उन्होंने आगे कहा कि सुदामा जब श्रीकृष्ण से मिलने पहुंचे, तो श्रीकृष्ण ने बिना किसी मांग के उन्हें सब कुछ प्रदान कर दिया। आचार्य ने यह भी कहा कि सच्चा दोस्त वही होता है, जो आपके दुख-दर्द को बिना कहे ही समझ जाए। कथा समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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