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Solan News: धर्मपुर स्कूल को डे-बोर्डिंग का दर्जा तो मिला, बजट का इंतजार
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पैसे न मिलने से शुरू नहीं हो पाया है निर्माण कार्य
अभिभावकों में असमंजस, 35 बीघा जमीन उपलब्ध
अतिरिक्त भवन और सुविधाओं के लिए करोड़ों की बनाई है योजना
सुरेंद्र ठाकुर
धर्मपुर (सोलन)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धर्मपुर को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का दर्जा मिले लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन एक साल बाद भी सरकार की ओर से इसके लिए बजट आवंटित नहीं किया गया है। इससे स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन में संशय की स्थिति बनी हुई है। बजट के अभाव में स्कूल भवन का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है।
लोगों और स्कूल स्टाफ के बीच डे-बोर्डिंग स्कूल के दर्जे को लेकर काफी उत्साह था। धर्मपुर स्कूल के पास लगभग 35 बीघा भूमि उपलब्ध है, जो इस तरह की परियोजना के लिए पर्याप्त है। सरकार की योजना के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किया जाना है, जिसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत स्कूल में अतिरिक्त भवन, जिसमें छात्रावास भी शामिल है, का निर्माण किया जाना है। सरकार के अनुसार, इन स्कूलों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की राशि का प्रावधान है।
चिंता का विषय यह है कि जिला के ममलीग स्कूल और बद्दी के कुछ स्कूलों को इस योजना के तहत बजट आवंटित कर दिया गया है, जबकि कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर स्कूल को अभी तक इस राशि से वंचित रखा गया है। स्कूल की प्रधानाचार्य धर्मवीर कौर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि डे-बोर्डिंग स्कूल का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक बजट मुहैया नहीं कराया गया है।
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धर्मपुर के लोगों ने कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से आग्रह किया है कि वे धर्मपुर के डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए जल्द बजट की व्यवस्था करवाएं। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से कसौली क्षेत्र के बच्चों को पहली बार डे-बोर्डिंग स्कूल की सुविधा मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से निर्माण कार्य करवाए जाने की बात भी कही जा रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अब केवल धनराशि का इंतजार है।
अभिभावकों में असमंजस, 35 बीघा जमीन उपलब्ध
अतिरिक्त भवन और सुविधाओं के लिए करोड़ों की बनाई है योजना
सुरेंद्र ठाकुर
धर्मपुर (सोलन)। राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल धर्मपुर को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का दर्जा मिले लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन एक साल बाद भी सरकार की ओर से इसके लिए बजट आवंटित नहीं किया गया है। इससे स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन में संशय की स्थिति बनी हुई है। बजट के अभाव में स्कूल भवन का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो सका है।
लोगों और स्कूल स्टाफ के बीच डे-बोर्डिंग स्कूल के दर्जे को लेकर काफी उत्साह था। धर्मपुर स्कूल के पास लगभग 35 बीघा भूमि उपलब्ध है, जो इस तरह की परियोजना के लिए पर्याप्त है। सरकार की योजना के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किया जाना है, जिसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस योजना के तहत स्कूल में अतिरिक्त भवन, जिसमें छात्रावास भी शामिल है, का निर्माण किया जाना है। सरकार के अनुसार, इन स्कूलों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की राशि का प्रावधान है।
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चिंता का विषय यह है कि जिला के ममलीग स्कूल और बद्दी के कुछ स्कूलों को इस योजना के तहत बजट आवंटित कर दिया गया है, जबकि कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर स्कूल को अभी तक इस राशि से वंचित रखा गया है। स्कूल की प्रधानाचार्य धर्मवीर कौर ने भी इस बात की पुष्टि की है कि डे-बोर्डिंग स्कूल का दर्जा तो मिल गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक बजट मुहैया नहीं कराया गया है।
धर्मपुर के लोगों ने कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से आग्रह किया है कि वे धर्मपुर के डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए जल्द बजट की व्यवस्था करवाएं। उनका कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से कसौली क्षेत्र के बच्चों को पहली बार डे-बोर्डिंग स्कूल की सुविधा मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से निर्माण कार्य करवाए जाने की बात भी कही जा रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद अब केवल धनराशि का इंतजार है।