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हिमाचल प्रदेश: आभा आईडी बताएगी अस्पताल में किस नर्स ने की देखभाल, इस पोर्टल पर नर्सिंग स्टाफ का पंजीकरण शुरू
आदित्य सोफत, सोलन।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:08 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में हेल्थ प्रोफेशनल पोर्टल के तहत नर्सों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। इससे मरीज के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान वार्ड में दी गई दवाइयों समेत उपचार से जुड़ी सभी जानकारियां डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगी। पढ़ें पूरी खबर...
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
देश या प्रदेश के किसी भी अस्पताल में अब यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि मरीज को उपचार किस नर्स ने दिया है। इसके लिए आभा आईडी को और प्रभावी बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर में हेल्थ प्रोफेशनल पोर्टल के तहत नर्सों का पंजीकरण शुरू कर दिया है।
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इससे मरीज के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान वार्ड में दी गई दवाइयों समेत उपचार से जुड़ी सभी जानकारियां डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगी। गौरतलब है कि प्रदेश के अस्पतालों में आभा कार्ड से पर्ची बनाने का काम शुरू हो चुका है। हालांकि अभी पर्चियां मैनुअल तरीके से लिखी जा रही हैं। आने वाले समय में कंप्यूटराइज पर्ची की व्यवस्था लागू की जाएगी। मरीज को जिस चिकित्सक से जांच करवानी होगी, उसकी ओपीडी में पर्ची स्वतः ट्रांसफर हो जाएगी। इसके बाद लिखी दवाइयों टेस्ट की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
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अगर मरीज को भर्ती किया जाता है, तो उसका पूरा डाटा ऑनलाइन नर्स के पास होगा। मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद यदि वह किसी अन्य स्थान पर जांच करवाता है, तो ऑनलाइन रिकॉर्ड के माध्यम से उसकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री भी देखी जा सकेगी।
अब आभा आईडी में मरीज का उपचार करने वाली नर्स का नाम भी दर्ज रहेगा। अभी तक इस पोर्टल पर केवल चिकित्सकों का ही रिकॉर्ड उपलब्ध था। इसमें सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों की नर्सिंग स्टाफ का पंजीकरण किया जा रहा है। इससे मरीजों को जानकारी लेने में आसानी होगी। नर्सों की एक यूनिक हेल्थ प्रोफेशनल आईडी बनेगी। यह कार्य आयुष्मान भारत के तहत किया जा रहा है।
पैरा-मेडिकल भी दायरे में प्रदेश में नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ पैरा-मेडिकल स्टाफ का भी पंजीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा जिन चिकित्सकों का पंजीकरण अभी शेष है, उनका डाटा भी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आगामी दिनों में स्वास्थ्य कर्मचारियों की पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। नोडल अधिकारियों को निर्धारित समय में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं।
योजना से लोगों को मिलेगी सहूलियत
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों का हेल्थ फेसिलिटी पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है। प्रदेशभर निजी और सरकारी अस्पतालों में कार्यरत स्टाफ का पंजीकरण होने से लोगों को आसानी हो जाएगी। साथ ही सभी की एक यूनिक आईडी भी बनेगी। -रविंद्र कुमार, को-ऑडिनेटर, आयुष्मान भारत कार्यक्रम सोलन
सुविधाओं की जानकारी हासिल करना आसान
सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिक, दवा दुकानों सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पोर्टल पर पंजीकरण करना है। पंजीकरण के बाद संस्थान राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ेंगे। इसमें डायग्नोस्टिक लैब, फार्मेसी और सभी चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े संस्थान शामिल होंगे। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों का हेल्थ फेसिलिटी पोर्टल पर पंजीकरण किया जा रहा है। प्रदेशभर निजी और सरकारी अस्पतालों में कार्यरत स्टाफ का पंजीकरण होने से लोगों को आसानी हो जाएगी। साथ ही सभी की एक यूनिक आईडी भी बनेगी। -रविंद्र कुमार, को-ऑडिनेटर, आयुष्मान भारत कार्यक्रम सोलन
सुविधाओं की जानकारी हासिल करना आसान
सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिक, दवा दुकानों सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पोर्टल पर पंजीकरण करना है। पंजीकरण के बाद संस्थान राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ेंगे। इसमें डायग्नोस्टिक लैब, फार्मेसी और सभी चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े संस्थान शामिल होंगे। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।