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Solan News: एससी-एसटी अधिनियम के 82 मामलों की समीक्षा
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समितियों की बैठकें में उपायुक्त सोलन के साथ मौजूद अन्य अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
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उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों की बैठक
91 पीड़ितों को 78.95 लाख की सहायता राशि वितरित
अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में अलग-अलग समितियों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989, प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम, दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण अधिनियम 2016 तथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत गठित विभिन्न जिला स्तरीय समितियां शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिले में गत वर्षों में 82 मामले सामने आए। इनमें से 47 मामले न्यायालयों में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि 74 मामलों में 91 पीड़ितों को 78.95 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को शेष मामलों के शीघ्र निपटारे और समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ने और कौशल विकास भत्ता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में 12 लाभार्थियों को 73 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही अधिकारियों को विश्वकर्मा योजना के प्रति पात्र लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं। वहीं राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत गठित स्थानीय समिति की बैठक में लोगों को अधिनियम की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में उर्दू शिक्षण के संसाधनों को बढ़ाने, गरीबों के लिए स्वरोजगार और मजदूरी रोजगार योजनाओं, ग्रामीण आवास योजना में भागीदारी तथा तकनीकी शिक्षा के माध्यम से कौशल उन्नयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
इस अवसर पर महापौर ऊषा शर्मा, एएसपी बद्दी अशोक वर्मा, डीएसपी अशोक चौहान, जिला न्यायवादी संजय पंडित, उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा रीता गुप्ता, डीपीओ पदम देव शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शालिनी पुरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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91 पीड़ितों को 78.95 लाख की सहायता राशि वितरित
अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में अलग-अलग समितियों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989, प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम, दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण अधिनियम 2016 तथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 के तहत गठित विभिन्न जिला स्तरीय समितियां शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिले में गत वर्षों में 82 मामले सामने आए। इनमें से 47 मामले न्यायालयों में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि 74 मामलों में 91 पीड़ितों को 78.95 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को शेष मामलों के शीघ्र निपटारे और समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
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प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ने और कौशल विकास भत्ता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में 12 लाभार्थियों को 73 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जा चुका है। साथ ही अधिकारियों को विश्वकर्मा योजना के प्रति पात्र लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं। वहीं राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत गठित स्थानीय समिति की बैठक में लोगों को अधिनियम की जानकारी देने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में उर्दू शिक्षण के संसाधनों को बढ़ाने, गरीबों के लिए स्वरोजगार और मजदूरी रोजगार योजनाओं, ग्रामीण आवास योजना में भागीदारी तथा तकनीकी शिक्षा के माध्यम से कौशल उन्नयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
इस अवसर पर महापौर ऊषा शर्मा, एएसपी बद्दी अशोक वर्मा, डीएसपी अशोक चौहान, जिला न्यायवादी संजय पंडित, उप निदेशक प्राथमिक शिक्षा रीता गुप्ता, डीपीओ पदम देव शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शालिनी पुरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।