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Solan News: लाखों रुपये से खरीदे गए सफाई वाहन बने कूडा-कचरा
Sun, 02 Aug 2026 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:20 PM IST
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शिमला से सोलन लाया गया वाहन भी नहीं हुआ कामयाब, वापस भेजा
सोलन पहुंचने के बाद सिर्फ एक सप्ताह में ही खड़ा हो गया था वाहन
संकरी गलियों के लिए लाए गए ई रिक्शा भी पार्किंग के स्टोर में बने कबाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन नगर निगम में सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के नाम पर लाखों रुपये की बरबादी हुई है। शहर की सड़कों से कूड़ा उठाने के लिए लाए गए कई वाहन अब निगम की पार्किंग में कबाड़ बन चुके हैं। इससे जनता के पैसे का दुरुपयोग और प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है।
हाल ही में शिमला से सोलन लाया गया एक विशेष सफाई वाहन भी निगम की नाकामी का शिकार हो गया। यह वाहन बड़े जाेर शोर से लाया गया था। लेकिन यह एक सप्ताह भी सड़कों पर सही से नहीं चल पाया। तकनीकी खामियों या योजना के अभाव में इसे रोक दिया गया। अब इसे वापस शिमला भेज दिया गया है। शहर की तंग गलियों से घर-घर कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा खरीदे गए थे। दावा था कि इनसे दूर-दराज के इलाकों में सफाई सुगम होगी। लेकिन ये ई-रिक्शा भी पार्किंग के स्टोर रूम में खड़े होकर कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं।
लाखों के बजट पर फिरा पानी
सफाई के लिए खरीदे गए इन वाहनों और ई-रिक्शा पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। बिना दूरदर्शिता और ठोस रणनीति के शुरू की गई योजनाओं का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। एक तरफ शहर की सड़कों पर गंदगी के ढेर नजर आते हैं। वहीं दूसरी ओर सफाई उपकरण और गाड़ियां स्टोर में बंद पड़ी सड़ रही हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस लापरवाही पर भारी रोष है।
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ई-रिक्शा की असफलता
सफाई निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा शहर में कामयाब नहीं हो पाए। सोलन की चढ़ाई और उतराई में वे ठीक से नहीं चल सके। इसके चलते उन्हें बंद कर दिया गया है। अब इनके स्थान पर नई ई-गाड़ियों को लाया जा रहा है।
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सोलन पहुंचने के बाद सिर्फ एक सप्ताह में ही खड़ा हो गया था वाहन
संकरी गलियों के लिए लाए गए ई रिक्शा भी पार्किंग के स्टोर में बने कबाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन नगर निगम में सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के नाम पर लाखों रुपये की बरबादी हुई है। शहर की सड़कों से कूड़ा उठाने के लिए लाए गए कई वाहन अब निगम की पार्किंग में कबाड़ बन चुके हैं। इससे जनता के पैसे का दुरुपयोग और प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई है।
हाल ही में शिमला से सोलन लाया गया एक विशेष सफाई वाहन भी निगम की नाकामी का शिकार हो गया। यह वाहन बड़े जाेर शोर से लाया गया था। लेकिन यह एक सप्ताह भी सड़कों पर सही से नहीं चल पाया। तकनीकी खामियों या योजना के अभाव में इसे रोक दिया गया। अब इसे वापस शिमला भेज दिया गया है। शहर की तंग गलियों से घर-घर कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा खरीदे गए थे। दावा था कि इनसे दूर-दराज के इलाकों में सफाई सुगम होगी। लेकिन ये ई-रिक्शा भी पार्किंग के स्टोर रूम में खड़े होकर कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं।
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लाखों के बजट पर फिरा पानी
सफाई के लिए खरीदे गए इन वाहनों और ई-रिक्शा पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। बिना दूरदर्शिता और ठोस रणनीति के शुरू की गई योजनाओं का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। एक तरफ शहर की सड़कों पर गंदगी के ढेर नजर आते हैं। वहीं दूसरी ओर सफाई उपकरण और गाड़ियां स्टोर में बंद पड़ी सड़ रही हैं। स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस लापरवाही पर भारी रोष है।
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ई-रिक्शा की असफलता
सफाई निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा शहर में कामयाब नहीं हो पाए। सोलन की चढ़ाई और उतराई में वे ठीक से नहीं चल सके। इसके चलते उन्हें बंद कर दिया गया है। अब इनके स्थान पर नई ई-गाड़ियों को लाया जा रहा है।