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Solan News: पूर्ण राजस्व दिवस की पूर्व संध्या पर पहाड़ी बोली में विशेष प्रार्थना सभा
शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 12:09 AM IST
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नालागढ़ के बारियां स्थित राज्य लक्ष्मी समविद् गुरूकूलम सैनिक स्कूल में पहाड़ी भाषा में प्रार्थन
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राजलक्ष्मी समविद् गुरुकुलम् सैनिक स्कूल बारियां केे छात्रों ने की पहल
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ स्थित बारियां के राज्य लक्ष्मी समविद् गुरुकूलम सैनिक स्कूल में हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राजत्व दिवस की पूर्व संध्या पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस प्रार्थना सभा की खास बात यह रही कि संपूर्ण प्रार्थना पहाड़ी बोली में संपन्न हुई, जबकि विद्यालय में हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों से आए विद्यार्थियों का अध्ययन हो रहा है। इस प्रयास से विद्यार्थियों को स्थानीय लोकभाषा से जुड़ने का अवसर मिला और भाषाई समन्वय व सांस्कृतिक एकता की भावना को भी बल मिला। छात्र आरव गुप्ता ने अपने शब्दों में कहा, अज्ज मिंजो आपु पर गर्व होयरां कि हाऊं तुहां सभी जो अपने राज्या री सुंदरता, संस्कृति कने प्रेम स्वभाव खातर मशहूर हा तिसरे बारे च दसणे जाया रां से जे देव भूमि रे नांवां ते काफी मशहूर हा। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश कुमार झा ने अपने संदेश में कहा कि हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान उसकी भाषाओं और परंपराओं में निहित है। पहाड़ी बोली लोकसंस्कृति और ऐतिहासिक चेतना की संवाहक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य न केवल आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कृत, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं से जोड़ते हुए उनका सर्वांगीण विकास करना है। इस अवसर पर हिंदी अध्यापक प्रवीण शर्मा ने विद्यार्थियों को नशा-मुक्त, संस्कारपूर्ण और मूल्याधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य को अंधकार की ओर ले जाता है, जबकि संस्कारपूर्ण शिक्षा चरित्र निर्माण और अनुशासन की नींव रखती है। कार्यक्रम के आयोजक एवं विद्यालय समाचार समन्वयक सुनील कुमार शास्त्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान, बहुभाषी चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के लिए एक स्मरणीय अनुभव बना।
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