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Solan News: छात्र स्कूल कुनिहार को सीबीएसई में शामिल करने के फैसले का विरोध
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छात्र स्कूल कुनिहार को सीबीएसई में शामिल करने पर आंदोलन करती महिलाएं व बच्चे। संवाद
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अभिभावकों ने निकाली रोष रैली, चार दिन में फैसला वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
कहा- सरकार के फैसले से बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। 100 साल पुराने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र स्कूल कुनिहार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से हटाकर सीबीएसई में शामिल करने के फैसले ने क्षेत्र में विरोध की लहर पैदा कर दी है। इस निर्णय के खिलाफ वीरवार को अभिभावक सड़कों पर उतर आए और जोरदार रोष रैली निकाली।प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चार दिन की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। रैली कुनिहार बाजार से होकर गुजरी, जहां लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि इस ऐतिहासिक विद्यालय को एचपी बोर्ड के तहत ही रखा जाए। स्थानीय निवासी नीरजा शर्मा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छोटे बच्चों को अब दूर-दराज के स्कूलों में भेजने की नौबत आ रही है। तृप्ता ठाकुर ने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र की पहचान और इतिहास से जुड़ा है, जहां कई पीढ़ियों ने शिक्षा प्राप्त की है। वहीं मोनिका ने दोनों स्कूलों को सीबीएसई में बदलने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को एचपी बोर्ड में ही पढ़ाना चाहते हैं। सुलोचना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं बदला तो ग्रामीण एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। समाजसेवी कौशल्या कंवर ने सुझाव दिया कि एक स्कूल को सीबीएसई और पुराने विद्यालय को एचपी बोर्ड के तहत ही रखा जाए। उधर, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि हाल ही में अर्की के विधायक संजय अवस्थी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात की थी। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया था कि कुनिहार में एक स्कूल सीबीएसई और एक एचपी बोर्ड के तहत रहेगा। अब लोगों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने साफ कर दिया है कि यह विरोध जल्द ही बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
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कहा- सरकार के फैसले से बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। 100 साल पुराने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक छात्र स्कूल कुनिहार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से हटाकर सीबीएसई में शामिल करने के फैसले ने क्षेत्र में विरोध की लहर पैदा कर दी है। इस निर्णय के खिलाफ वीरवार को अभिभावक सड़कों पर उतर आए और जोरदार रोष रैली निकाली।प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चार दिन की मोहलत देते हुए चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। रैली कुनिहार बाजार से होकर गुजरी, जहां लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि इस ऐतिहासिक विद्यालय को एचपी बोर्ड के तहत ही रखा जाए। स्थानीय निवासी नीरजा शर्मा ने कहा कि सरकार का यह निर्णय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छोटे बच्चों को अब दूर-दराज के स्कूलों में भेजने की नौबत आ रही है। तृप्ता ठाकुर ने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र की पहचान और इतिहास से जुड़ा है, जहां कई पीढ़ियों ने शिक्षा प्राप्त की है। वहीं मोनिका ने दोनों स्कूलों को सीबीएसई में बदलने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को एचपी बोर्ड में ही पढ़ाना चाहते हैं। सुलोचना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं बदला तो ग्रामीण एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। समाजसेवी कौशल्या कंवर ने सुझाव दिया कि एक स्कूल को सीबीएसई और पुराने विद्यालय को एचपी बोर्ड के तहत ही रखा जाए। उधर, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने बताया कि हाल ही में अर्की के विधायक संजय अवस्थी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात की थी। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया था कि कुनिहार में एक स्कूल सीबीएसई और एक एचपी बोर्ड के तहत रहेगा। अब लोगों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों ने साफ कर दिया है कि यह विरोध जल्द ही बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।