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Una News: पानी के अभाव में बाथू की 80% जमीन बंजर

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 12:41 AM IST
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80% of Bathu's land is barren due to lack of water.
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सरकारी स्कीमों में हुआ इजाफा लेकिन हालात नहीं बदले

औद्योगीकरण से पानी का स्तर लगातार गिरता जा रहा
पहले दो और अब 20 स्कीमें स्थापित, लेकिन पानी का नहीं पता

संवाद न्यूज एजेंसी

बाथू (ऊना)। हरोली विधानसभा क्षेत्र के बाथू में सरकारी योजनाओं की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिल रहा। क्षेत्र में इस समय लगभग 80 प्रतिशत भूमि पानी के अभाव में बंजर हो चुकी है। लगातार गिरते भूजल स्तर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर क्यों गिर रहा है, इसका स्पष्ट कारण आज तक सामने नहीं आ पाया है। पहले क्षेत्र में जलशक्ति विभाग की केवल दो योजनाएं संचालित थीं और उस समय पानी का स्तर संतुलित बना रहता था। वर्तमान में योजनाओं की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई है, लेकिन जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। इससे किसानों के सामने खेती छोड़ने की नौबत आ गई है।
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क्षेत्र में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण को भी जल संकट का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। उद्योगों से लोगों को रोजगार अवश्य मिला है, लेकिन इसका प्रतिकूल प्रभाव ग्रामीण परिवेश और कृषि पर साफ दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि सरकार जहां एक ओर औद्योगीकरण को बढ़ावा दे रही है, वहीं उसके दुष्प्रभावों का समय रहते समाधान भी सुनिश्चित करना चाहिए। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस विषय पर गंभीर मंथन कर ठोस रणनीति बनानी होगी, ताकि गिरते जलस्तर को रोका जा सके और बंजर होती जमीन को बचाया जा सके।
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औद्योगीकरण बढ़ने से क्षेत्र की 80 प्रतिशत जमीन पानी के अभाव में बंजर हो गई है। भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है और लोग खेतीबाड़ी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार, प्रशासन और संबंधित विभाग अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाएं और जल संरक्षण के ठोस उपाय लागू करें। -स्थानीय निवासी रजनीश कुमार
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उद्योगों के आने से रोजगार और व्यापार में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान भी उतना ही जरूरी है। सरकार और विभाग क्षेत्र में हो रही गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में जनता को अव्यवस्थित परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। -स्थानीय दुकानदार संजीव कुमार
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