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Una News: अब 5100 नहीं 3100 रुपये वसूला जाएगा हवन शुल्क
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अमर उजाला इंपैक्ट
माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को हवन कुंड में आहुतियां डालना हुआ सस्ता
अमन कालिया
चिंतपूर्णी (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से हवन में आहुतियां डालने का शुल्क अब सस्ता कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने जनहित में हवन शुल्क को कम करने का निर्णय लिया। पहले हवन की आहुतियों के लिए न्यास श्रद्धालुओं से न्यूनतम 5100 रुपये वसूलता था, जिसे अब घटाकर 3100 रुपये कर दिया गया है। हवन शुल्क ज्यादा होने के कारण कई श्रद्धालु हवन में भाग नहीं ले पाते थे। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप शुल्क कम करने का निर्णय लिया। मंदिर न्यास के ट्रस्टी भी अधिक शुल्क वसूलने के खिलाफ थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को हर पहलू का व्यवसायीकरण न करके लोगों की श्रद्धा का सम्मान करते हुए निर्णय लेना चाहिए। इस बदलाव के लिए स्थानीय निवासी वरुण, रानू, अनीता, वीरेंद्र और अंजू ने धन्यवाद व्यक्त किया है। जिलाधीश जतिन लाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। मंदिर आयुक्त जतिन लाल और मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने पुष्टि की कि अब हवन के लिए 5100 रुपये के बजाय 3100 रुपये लिए जाएंगे।
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चिंतपूर्णी (ऊना)। चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से हवन में आहुतियां डालने का शुल्क अब सस्ता कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने जनहित में हवन शुल्क को कम करने का निर्णय लिया। पहले हवन की आहुतियों के लिए न्यास श्रद्धालुओं से न्यूनतम 5100 रुपये वसूलता था, जिसे अब घटाकर 3100 रुपये कर दिया गया है। हवन शुल्क ज्यादा होने के कारण कई श्रद्धालु हवन में भाग नहीं ले पाते थे। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप शुल्क कम करने का निर्णय लिया। मंदिर न्यास के ट्रस्टी भी अधिक शुल्क वसूलने के खिलाफ थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को हर पहलू का व्यवसायीकरण न करके लोगों की श्रद्धा का सम्मान करते हुए निर्णय लेना चाहिए। इस बदलाव के लिए स्थानीय निवासी वरुण, रानू, अनीता, वीरेंद्र और अंजू ने धन्यवाद व्यक्त किया है। जिलाधीश जतिन लाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। मंदिर आयुक्त जतिन लाल और मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने पुष्टि की कि अब हवन के लिए 5100 रुपये के बजाय 3100 रुपये लिए जाएंगे।