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Una News: निजी स्कूलों की किताब-वर्दी खरीद में मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 09 Mar 2026 05:17 AM IST
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कई निजी स्कूलों पर अपनी मर्जी की पाठ्य सामग्री की खरीद कराने का आरोप
अभिभावकों को खास दुकानों से खरीद के लिए मजबूर न करें स्कूल, उल्लंघन पर मान्यता रद्द करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की वर्दी, किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद को लेकर की जा रही मनमानी पर अब शिक्षा विभाग ने कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। विभाग ने सभी निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने का दबाव न बनाया जाए और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
जानकारी के अनुसार इन दिनों नए शैक्षणिक सत्र को लेकर निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही स्कूलों ने पाठ्य सामग्री और वर्दी की व्यवस्था करना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच शिक्षा विभाग को शिकायतें मिली हैं कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों को अपनी पसंद की दुकानों से ही किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
शिक्षा विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्य सामग्री की खरीद की अनुमति रहेगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी स्कूल अपने परिसर में वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य शैक्षणिक सामग्री की बिक्री से संबंधित गतिविधियां नहीं चला सकता। यदि किसी स्कूल में इस तरह की गतिविधि पाई जाती है तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि अभिभावकों को बाजार में उपलब्ध किसी भी दुकान से वर्दी और किताबें खरीदने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। स्कूल केवल निर्धारित पाठ्यक्रम की जानकारी दे सकते हैं, लेकिन किसी खास दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है। साथ ही विभाग जल्द ही इस संबंध में निरीक्षण अभियान शुरू कर सकता है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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अभिभावकों को खास दुकानों से खरीद के लिए मजबूर न करें स्कूल, उल्लंघन पर मान्यता रद्द करने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के निजी स्कूलों में विद्यार्थियों की वर्दी, किताबों और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद को लेकर की जा रही मनमानी पर अब शिक्षा विभाग ने कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। विभाग ने सभी निजी स्कूलों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने का दबाव न बनाया जाए और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
जानकारी के अनुसार इन दिनों नए शैक्षणिक सत्र को लेकर निजी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही स्कूलों ने पाठ्य सामग्री और वर्दी की व्यवस्था करना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच शिक्षा विभाग को शिकायतें मिली हैं कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों को अपनी पसंद की दुकानों से ही किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
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शिक्षा विभाग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्य सामग्री की खरीद की अनुमति रहेगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी स्कूल अपने परिसर में वर्दी, टाई, बेल्ट, बैज, जूते या अन्य शैक्षणिक सामग्री की बिक्री से संबंधित गतिविधियां नहीं चला सकता। यदि किसी स्कूल में इस तरह की गतिविधि पाई जाती है तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि अभिभावकों को बाजार में उपलब्ध किसी भी दुकान से वर्दी और किताबें खरीदने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। स्कूल केवल निर्धारित पाठ्यक्रम की जानकारी दे सकते हैं, लेकिन किसी खास दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी स्कूल में नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उसकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है। साथ ही विभाग जल्द ही इस संबंध में निरीक्षण अभियान शुरू कर सकता है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।