{"_id":"6ade54a94320ffdf6d04b918","slug":"faith-of-a-differently-abled-devotee-endured-hours-in-a-queue-to-seek-the-goddesss-blessings-una-news-c-93-1-una1002-211335-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: दिव्यांग श्रद्धालु की आस्था, घंटों कतार में किए मां के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: दिव्यांग श्रद्धालु की आस्था, घंटों कतार में किए मां के दर्शन
विज्ञापन
तबीयत बिगड़ने पर होमगार्ड जवानों ने संभाला, वापसी में लिफ्ट से भेजा
सुगम दर्शन सुविधा की जानकारी देने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। मां चिंतपूर्णी के प्रति आस्था ऐसी कि शारीरिक परेशानी भी श्रद्धालु के कदम नहीं रोक पाई। रविवार को पंजाब के लुधियाना से परिवार के साथ पहुंचे एक दिव्यांग श्रद्धालु ने घंटों कतार में लगकर मां चिंतपूर्णी के दर्शन किए। टांगों के सहारे चलने में असमर्थ श्रद्धालु को मंदिर में लिफ्ट और सुगम दर्शन पास की सुविधा की जानकारी नहीं थी। ऐसे में वह परिवार के साथ आम श्रद्धालुओं की कतार में लग गया। भारी भीड़ के बीच उसे दर्शन स्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई, लेकिन वह दर्शन करने के बाद ही लौटा।
मंदिर परिसर में पहुंचने पर श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों ने उसे संभाला। उसकी स्थिति को देखते हुए जवानों ने वापसी के दौरान लिफ्ट से भेजने की व्यवस्था की, ताकि उसे दोबारा परेशानी न उठानी पड़े।
यह घटना दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आसानी से पहुंचाने की जरूरत भी बताती है। लिफ्ट और सुगम दर्शन पास के बारे में जानकारी मिलने से चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन सुविधा के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने आमजन से भी ऐसे मामलों को मंदिर प्रबंधन के ध्यान में लाने की अपील की, ताकि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सुविधा का लाभ मिल सके।
विज्ञापन
सुगम दर्शन सुविधा की जानकारी देने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। मां चिंतपूर्णी के प्रति आस्था ऐसी कि शारीरिक परेशानी भी श्रद्धालु के कदम नहीं रोक पाई। रविवार को पंजाब के लुधियाना से परिवार के साथ पहुंचे एक दिव्यांग श्रद्धालु ने घंटों कतार में लगकर मां चिंतपूर्णी के दर्शन किए। टांगों के सहारे चलने में असमर्थ श्रद्धालु को मंदिर में लिफ्ट और सुगम दर्शन पास की सुविधा की जानकारी नहीं थी। ऐसे में वह परिवार के साथ आम श्रद्धालुओं की कतार में लग गया। भारी भीड़ के बीच उसे दर्शन स्थल तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई, लेकिन वह दर्शन करने के बाद ही लौटा।
मंदिर परिसर में पहुंचने पर श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों ने उसे संभाला। उसकी स्थिति को देखते हुए जवानों ने वापसी के दौरान लिफ्ट से भेजने की व्यवस्था की, ताकि उसे दोबारा परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
यह घटना दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी आसानी से पहुंचाने की जरूरत भी बताती है। लिफ्ट और सुगम दर्शन पास के बारे में जानकारी मिलने से चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।
विज्ञापन
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन सुविधा के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने आमजन से भी ऐसे मामलों को मंदिर प्रबंधन के ध्यान में लाने की अपील की, ताकि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को सुविधा का लाभ मिल सके।