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Una News: बारिश का इंतजार कर रहे किसान, मक्की की फसल पर मंडराने लगा संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:46 AM IST
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चकसराय (ऊना)। क्षेत्र के बैरियां, बडूही और चुरुडू क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और वर्षा की कमी के बीच किसान मक्की की फसल को बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। खेतों में बोई गई मक्की की फसल को पर्याप्त नमी उपलब्ध कराने के लिए किसान सुबह और शाम के समय सिंचाई कर रहे हैं। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के कारण खेतों की मिट्टी तेजी से सूख रही है, जिससे फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि मक्की की फसल के शुरुआती विकास चरण में पर्याप्त नमी होना बेहद जरूरी है। यदि इस समय फसल को पानी न मिले तो पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन में कमी आ सकती है। यही कारण है कि किसान कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बावजूद खेतों में डटे हुए हैं और सिंचाई कार्य में जुटे हुए हैं।
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन शर्मा का भी मानना है कि वर्तमान मौसम में मक्की की फसल के लिए पर्याप्त नमी बनाए रखना आवश्यक है। समय पर सिंचाई और अनुकूल मौसम मिलने पर इस वर्ष क्षेत्र में मक्की की अच्छी पैदावार होने की संभावना है।
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मक्की की फसल इस समय नाजुक अवस्था में है। बढ़ती गर्मी के कारण खेतों में नमी जल्दी खत्म हो रही है। इसलिए फसल को बचाने के लिए नियमित रूप से पानी लगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर बारिश हो जाए तो फसल की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन भी अच्छा मिलने की उम्मीद है।
-सुभाष चंद, किसान बैरियां
इस वर्ष खेती की लागत काफी बढ़ गई है। महंगे बीज, खाद और ट्रैक्टर के खर्च के बाद अब सिंचाई पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने हाल ही में बिजाई की है, वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में आवश्यक सहायता और राहत उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।
-राधे श्याम, किसान बडूही
किसानों का कहना है कि मक्की की फसल के शुरुआती विकास चरण में पर्याप्त नमी होना बेहद जरूरी है। यदि इस समय फसल को पानी न मिले तो पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन में कमी आ सकती है। यही कारण है कि किसान कड़ी धूप और गर्म हवाओं के बावजूद खेतों में डटे हुए हैं और सिंचाई कार्य में जुटे हुए हैं।
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कृषि प्रसार अधिकारी चंदन शर्मा का भी मानना है कि वर्तमान मौसम में मक्की की फसल के लिए पर्याप्त नमी बनाए रखना आवश्यक है। समय पर सिंचाई और अनुकूल मौसम मिलने पर इस वर्ष क्षेत्र में मक्की की अच्छी पैदावार होने की संभावना है।
मक्की की फसल इस समय नाजुक अवस्था में है। बढ़ती गर्मी के कारण खेतों में नमी जल्दी खत्म हो रही है। इसलिए फसल को बचाने के लिए नियमित रूप से पानी लगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर बारिश हो जाए तो फसल की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन भी अच्छा मिलने की उम्मीद है।
-सुभाष चंद, किसान बैरियां
इस वर्ष खेती की लागत काफी बढ़ गई है। महंगे बीज, खाद और ट्रैक्टर के खर्च के बाद अब सिंचाई पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने हाल ही में बिजाई की है, वे बारिश का इंतजार कर रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में आवश्यक सहायता और राहत उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।
-राधे श्याम, किसान बडूही