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Una News: पंचतत्व में विलीन हुए कर्म योगी अधिवक्ता सुरेश ऐरी
Fri, 10 Jul 2026 01:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 10 Jul 2026 01:24 AM IST
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मैहतपुर (ऊना)। समाज सेवा को ईश्वरीय कार्य मानने वाले तथा हर व्यक्ति के दुख दर्द में सम्मिलित होकर उनकी हर संभव सहायता करने के लिए सदैव तत्पर रहने वाले समाजसेवी कर्मयोगी अधिवक्ता सुरेश ऐरी पंचतत्व में विलीन हो गए।
वीरवार को विभौर साहब के सतलुज घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। वायु सेना में सेवाएं देने के कारण वायु सेना के जवानों ने झंडा ओढ़ा कर उन्हें सलामी दी। एडवोकेट सुरेश ऐरी का मनाना था कि वे जो कुछ कर रहे हैं, यह सब ईश्वर की प्रेरणा से हो रहा है।
उन्होंने कभी भी समाजसेवा का श्रेय खुद न लेकर अपने दूसरे साथियों को दिया। मूक बधिर बच्चों के लिए लोअर देहलां में जन सहयोग से उन्होंने आश्रय संस्थान की शुरुआत की, यहां इन विशेष बच्चों को शिक्षित करके हर गतिविधि में पारंगत करने के लिए प्रयासरत रहे ताकि विशेष बच्चे समाज के सामान्य नागरिकों की तरह अपना जीवन जी सकें।
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वृद्धजनों के लिए उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत चडतगढ़ में आश्रय पुरोधा का भव्य भवन खड़ा किया। यहां पर बेसहारा वृद्धजनों के रहने के लिए हर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
अधिवक्ता सुरेश ऐरी ने युवावस्था में वायु सेना में सेवाएं देने के उपरांत वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी। अक्तूबर 1962 को जन्मे अधिवक्ता सुरेश शहरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे तथा संघ के अनेक दायित्वों का निर्वाह करते हुए उन्होंने अनेक युवाओं को भी से संघ से जोड़ा था। 7 जुलाई को कुराली के पास हुए एक सड़क हादसे ने ऊना के इस कर्मयोगी सपूत को समाज से छीन लिया। वीरवार को उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।
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वीरवार को विभौर साहब के सतलुज घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। वायु सेना में सेवाएं देने के कारण वायु सेना के जवानों ने झंडा ओढ़ा कर उन्हें सलामी दी। एडवोकेट सुरेश ऐरी का मनाना था कि वे जो कुछ कर रहे हैं, यह सब ईश्वर की प्रेरणा से हो रहा है।
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उन्होंने कभी भी समाजसेवा का श्रेय खुद न लेकर अपने दूसरे साथियों को दिया। मूक बधिर बच्चों के लिए लोअर देहलां में जन सहयोग से उन्होंने आश्रय संस्थान की शुरुआत की, यहां इन विशेष बच्चों को शिक्षित करके हर गतिविधि में पारंगत करने के लिए प्रयासरत रहे ताकि विशेष बच्चे समाज के सामान्य नागरिकों की तरह अपना जीवन जी सकें।
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वृद्धजनों के लिए उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत चडतगढ़ में आश्रय पुरोधा का भव्य भवन खड़ा किया। यहां पर बेसहारा वृद्धजनों के रहने के लिए हर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।
अधिवक्ता सुरेश ऐरी ने युवावस्था में वायु सेना में सेवाएं देने के उपरांत वकालत की प्रैक्टिस शुरू की थी। अक्तूबर 1962 को जन्मे अधिवक्ता सुरेश शहरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे तथा संघ के अनेक दायित्वों का निर्वाह करते हुए उन्होंने अनेक युवाओं को भी से संघ से जोड़ा था। 7 जुलाई को कुराली के पास हुए एक सड़क हादसे ने ऊना के इस कर्मयोगी सपूत को समाज से छीन लिया। वीरवार को उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।