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Una News: लठियाणी वार्ड फिर आरक्षित, 25 वर्षों से नहीं मिला अनारक्षित दर्जा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 09 Apr 2026 07:51 AM IST
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थानाकलां (ऊना)। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर आरक्षण रोस्टर जारी होते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जारी रोस्टर में विकास खंड बंगाणा क्षेत्र का लठियाणी वार्ड एक बार फिर आरक्षित श्रेणी में रखा गया है। खास बात यह है कि स्थानीय लोगों के अनुसार यह वार्ड पिछले लगभग 25 वर्षों से लगातार आरक्षित ही चला आ रहा है और अब तक इसे अनारक्षित (जनरल) श्रेणी का मौका नहीं मिल पाया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र के कई संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों में निराशा और असंतोष देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि लगातार आरक्षण के चलते सामान्य वर्ग के इच्छुक उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित हो रही है। कुछ स्थानीय नेताओं ने बताया कि वे लंबे समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे लेकिन हर बार आरक्षण के कारण उन्हें पीछे हटना पड़ता है। इस बार भी वही स्थिति बनने से उनमें हताशा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सभी वर्गों को अवसर देना है लेकिन यदि किसी एक ही वार्ड में वर्षों तक लगातार आरक्षण लागू रहे तो रोटेशन प्रणाली की भावना के विपरीत प्रतीत होता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि भविष्य में रोस्टर बनाते समय संतुलित और पारदर्शी रोटेशन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रोस्टर का निर्धारण सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और नियमों के अनुसार किया जाता है। उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया निर्धारित नियमों और गणना के आधार पर पूरी की गई है। फिलहाल, लठियाणी वार्ड के लगातार आरक्षित रहने को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और आने वाले पंचायत चुनावों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
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क्षेत्रवासियों का कहना है कि आरक्षण का उद्देश्य सभी वर्गों को अवसर देना है लेकिन यदि किसी एक ही वार्ड में वर्षों तक लगातार आरक्षण लागू रहे तो रोटेशन प्रणाली की भावना के विपरीत प्रतीत होता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि भविष्य में रोस्टर बनाते समय संतुलित और पारदर्शी रोटेशन सुनिश्चित किया जाए।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार रोस्टर का निर्धारण सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और नियमों के अनुसार किया जाता है। उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया निर्धारित नियमों और गणना के आधार पर पूरी की गई है। फिलहाल, लठियाणी वार्ड के लगातार आरक्षित रहने को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और आने वाले पंचायत चुनावों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।