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Una News: कटौहड़ कलां में प्रधान पद की मतगणना को लेकर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 03 Jun 2026 07:52 AM IST
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नंदपुर(ऊना)। जिला ऊना के विकास खंड अंब के तहत ग्राम पंचायतों के चुनावी नतीजे आने के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी हाल ही में कुठेड़ा खैरला पंचायत में उपप्रधान पद के चुनाव परिणाम को लेकर भड़का घमासान शांत भी नहीं हुआ था कि अब ठीक वैसा ही एक बड़ा चुनावी विवाद ग्राम पंचायत कटौहड़ कलां में प्रधान पद की मतगणना को लेकर उठ खड़ा है।
इस चुनाव में अब प्रशासनिक पारदर्शिता और आंकड़ों की बाजीगरी पर ऐसे गंभीर सवाल उठे हैं, जिसने पूरी चुनावी प्रक्रिया को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। चुनावी धांधली से क्षुब्ध होकर प्रधान पद के प्रत्याशी प्रवीण कुमार पुत्र झंडू राम ने रिटर्निंग ऑफिसर एवं एसडीएम ऊना के दरबार में लिखित शिकायत पेश कर न्याय की गुहार लगाई है।
इस पूरे विवाद में सबसे चौंकाने वाला मोड़ वोटों की कुल संख्या के मिलान को लेकर आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस चुनाव में उपप्रधान पद के लिए कुल 1,065 वोट पोल हुए बताए गए हैं जबकि इसके विपरीत प्रधान पद के लिए केवल 1,064 वोट ही पोल दर्शाए गए हैं। एक ही समय पर एक ही वोटर द्वारा दोनों पदों के लिए वोट डाले जाने के बावजूद कुल वोटों की संख्या में आया यह एक वोट का अंतर अब एक बड़ी पहेली बन गया है।
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एसडीएम अंब को सौंपे गए शिकायत पत्र में कटौहड़ कलां के स्थायी निवासी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि 30 मई 2026 को मतगणना के दौरान स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर अपने चहेते प्रत्याशी नरेंद्र सिंह (पुत्र संतोष सिंह) के साथ हर वोटिंग हॉल के भीतर व बाहर सरेआम घूम रहे थे और पोलिंग स्टाफ पर अनुचित दबाव बना रहे थे।
शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि जब पहली बार मतों की गिनती पूरी हुई तो चुनाव अधिकारियों ने उन्हें 7 मतों से विजयी घोषित किया। इस पर प्रतिद्वंद्वी नरेंद्र सिंह ने आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद दोबारा गिनती की गई, जिसमें भी प्रवीण कुमार 5 मतों से स्पष्ट रूप से विजयी रहे।
आरोप है कि इसके बाद सत्ता और प्रशासनिक दबाव के चलते तीसरी बार फिर से मतों की गिनती शुरू करवा दी गई और इस तीसरी गिनती में अचानक बाजी पलटते हुए प्रवीण कुमार को महज एक वोट से पराजित दिखाकर नरेंद्र कुमार को विजेता घोषित कर दिया गया।
इस चुनाव में अब प्रशासनिक पारदर्शिता और आंकड़ों की बाजीगरी पर ऐसे गंभीर सवाल उठे हैं, जिसने पूरी चुनावी प्रक्रिया को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। चुनावी धांधली से क्षुब्ध होकर प्रधान पद के प्रत्याशी प्रवीण कुमार पुत्र झंडू राम ने रिटर्निंग ऑफिसर एवं एसडीएम ऊना के दरबार में लिखित शिकायत पेश कर न्याय की गुहार लगाई है।
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इस पूरे विवाद में सबसे चौंकाने वाला मोड़ वोटों की कुल संख्या के मिलान को लेकर आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस चुनाव में उपप्रधान पद के लिए कुल 1,065 वोट पोल हुए बताए गए हैं जबकि इसके विपरीत प्रधान पद के लिए केवल 1,064 वोट ही पोल दर्शाए गए हैं। एक ही समय पर एक ही वोटर द्वारा दोनों पदों के लिए वोट डाले जाने के बावजूद कुल वोटों की संख्या में आया यह एक वोट का अंतर अब एक बड़ी पहेली बन गया है।
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शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि जब पहली बार मतों की गिनती पूरी हुई तो चुनाव अधिकारियों ने उन्हें 7 मतों से विजयी घोषित किया। इस पर प्रतिद्वंद्वी नरेंद्र सिंह ने आपत्ति दर्ज कराई, जिसके बाद दोबारा गिनती की गई, जिसमें भी प्रवीण कुमार 5 मतों से स्पष्ट रूप से विजयी रहे।
आरोप है कि इसके बाद सत्ता और प्रशासनिक दबाव के चलते तीसरी बार फिर से मतों की गिनती शुरू करवा दी गई और इस तीसरी गिनती में अचानक बाजी पलटते हुए प्रवीण कुमार को महज एक वोट से पराजित दिखाकर नरेंद्र कुमार को विजेता घोषित कर दिया गया।