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Una News: पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में एसटीपी–ईटीपी निर्माण कार्य ठप
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पड़ताल
बजट की कमी से अधर में लटका निर्माण
चार करोड़ के बजट के एवज में अभी तक मिला है एक करोड़
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में ओपीडी शुरू करने की योजना भी लटकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के समीप मलाहत में निर्माणाधीन पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में प्रस्तावित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का कार्य बजट न मिलने के कारण ठप पड़ गया है। प्लांट निर्माण के लिए लगभग चार करोड़ 56 लाख रुपये की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल एक करोड़ रुपये ही जारी हो पाए हैं। बजट की कमी के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा, जिससे पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है।
जानकारी के अनुसार पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने से पहले एसटीपी और ईटीपी प्लांट का निर्माण अनिवार्य है। इन प्लांटों के बिना अस्पताल से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के निस्तारण की अनुमति नहीं मिल सकती। ऐसे में बजट की कमी ने न केवल निर्माण कार्य को प्रभावित किया है, बल्कि ओपीडी शुरू करने की योजना पर भी ब्रेक लगा दिया है।
एसटीपी और ईटीपी प्लांट का निर्माण राज्य सरकार की ओर से जल शक्ति विभाग की ओर से किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक धनराशि समय पर न मिलने से काम की रफ्तार प्रभावित हुई है। यदि शेष बजट जल्द जारी नहीं किया गया तो प्रोजेक्ट के पूरा होने में और देरी हो सकती है, जिससे क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजार और लंबा खिंच सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीजीआई सैटेलाइट सेंटर शुरू होने से जिले को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बजट की अड़चन के चलते यह सपना फिलहाल अधूरा नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें शासन स्तर पर शेष बजट जारी होने के फैसले पर टिकी हैं। ऐसे में ओपीडी सेवा कब शुरू होगी, इस पर अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।
कोट
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में एसटीपी और ईटीपी प्लांट के लिए पूरा बजट न मिलने से कार्य धीमा पड़ा है। बजट जारी होते ही कार्य पूरा किया जा सकता है। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। -डॉ. राजीव चौहान, नोडल अधिकारी, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर ऊना
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चार करोड़ के बजट के एवज में अभी तक मिला है एक करोड़
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में ओपीडी शुरू करने की योजना भी लटकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के समीप मलाहत में निर्माणाधीन पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में प्रस्तावित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और ईटीपी (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का कार्य बजट न मिलने के कारण ठप पड़ गया है। प्लांट निर्माण के लिए लगभग चार करोड़ 56 लाख रुपये की आवश्यकता है, लेकिन अब तक केवल एक करोड़ रुपये ही जारी हो पाए हैं। बजट की कमी के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा, जिससे पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है।
जानकारी के अनुसार पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने से पहले एसटीपी और ईटीपी प्लांट का निर्माण अनिवार्य है। इन प्लांटों के बिना अस्पताल से निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी के निस्तारण की अनुमति नहीं मिल सकती। ऐसे में बजट की कमी ने न केवल निर्माण कार्य को प्रभावित किया है, बल्कि ओपीडी शुरू करने की योजना पर भी ब्रेक लगा दिया है।
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एसटीपी और ईटीपी प्लांट का निर्माण राज्य सरकार की ओर से जल शक्ति विभाग की ओर से किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक धनराशि समय पर न मिलने से काम की रफ्तार प्रभावित हुई है। यदि शेष बजट जल्द जारी नहीं किया गया तो प्रोजेक्ट के पूरा होने में और देरी हो सकती है, जिससे क्षेत्र के लोगों को मिलने वाली अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजार और लंबा खिंच सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीजीआई सैटेलाइट सेंटर शुरू होने से जिले को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बजट की अड़चन के चलते यह सपना फिलहाल अधूरा नजर आ रहा है। अब सभी की निगाहें शासन स्तर पर शेष बजट जारी होने के फैसले पर टिकी हैं। ऐसे में ओपीडी सेवा कब शुरू होगी, इस पर अभी कुछ भी कहना मुश्किल है।
कोट
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर में एसटीपी और ईटीपी प्लांट के लिए पूरा बजट न मिलने से कार्य धीमा पड़ा है। बजट जारी होते ही कार्य पूरा किया जा सकता है। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। -डॉ. राजीव चौहान, नोडल अधिकारी, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर ऊना
