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Una News: प्लेनेक्स प्लास्टिक विवाद में बढ़ी तल्खी, पहली एफआईआर के बाद अब दूसरी शिकायत से गरमाया मामला
Thu, 30 Jul 2026 12:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:10 AM IST
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गगरेट (ऊना )। जीतपुर बेहड़ी स्थित प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को लेकर चल रहा बहुचर्चित विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले अदालत के आदेश पर चोरी, महत्वपूर्ण दस्तावेज ले जाने और करोड़ों रुपये की कथित रंगदारी मांगने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब उसी विवाद में एक नई शिकायत सामने आने से मामला और अधिक उलझ गया है।
इस बार कंपनी के सुरक्षा गार्ड मोहित कुमार ने पूर्व विधायक नवीन धीमान, मेयर इंदु बाला, राकेश शर्मा तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि 28 जुलाई की शाम कुछ लोग जबरन कंपनी परिसर में प्रवेश करने पहुंचे। शिकायत के अनुसार मुख्य गेट को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता ने मामले में निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस उक्त औद्योगिक परिसर की वैध स्वामी है और कंपनी को यह अधिकार बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट के आधार पर प्राप्त हुआ है।
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गौरतलब है कि इससे पहले कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि लव भारद्वाज की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद गगरेट थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस शिकायत में कंपनी परिसर से नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज ले जाने, बैंक खातों एवं आधिकारिक ई-मेल की पहुंच अपने कब्जे में लेने तथा 3.50 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के आरोप लगाए गए थे। उस मामले की जांच अभी जारी है।
लगातार सामने आ रही शिकायतों ने इस कारोबारी विवाद को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच में जुटी है।
पक्ष
पूर्व विधायक नवीन धीमान ने कहा कि वह पिछले लगभग तीन माह से विवाद का आपसी समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार घटना वाले दिन भी वह बातचीत के उद्देश्य से प्लांट पहुंचे थे लेकिन गेट नहीं खोला गया। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उनका आरोप है कि दूसरा पक्ष समझौता करने के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
वहीं, प्लांट संचालक लव भारद्वाज ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को पहले से जानकारी थी कि उस समय कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी प्लांट में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद कुछ लोगों के साथ परिसर में जबरन प्रवेश करने और गेट तोड़ने का प्रयास किया गया। उनका दावा है कि यदि वास्तव में समझौते की मंशा होती तो बातचीत के लिए पहले समय और स्थान तय किया जाता। उन्होंने कहा कि पूरी घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है और जांच में सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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इस बार कंपनी के सुरक्षा गार्ड मोहित कुमार ने पूर्व विधायक नवीन धीमान, मेयर इंदु बाला, राकेश शर्मा तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि 28 जुलाई की शाम कुछ लोग जबरन कंपनी परिसर में प्रवेश करने पहुंचे। शिकायत के अनुसार मुख्य गेट को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता ने मामले में निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
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शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि प्लेनेक्स प्लास्टिक सॉल्यूशंस उक्त औद्योगिक परिसर की वैध स्वामी है और कंपनी को यह अधिकार बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट के आधार पर प्राप्त हुआ है।
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गौरतलब है कि इससे पहले कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि लव भारद्वाज की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद गगरेट थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उस शिकायत में कंपनी परिसर से नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज ले जाने, बैंक खातों एवं आधिकारिक ई-मेल की पहुंच अपने कब्जे में लेने तथा 3.50 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने के आरोप लगाए गए थे। उस मामले की जांच अभी जारी है।
लगातार सामने आ रही शिकायतों ने इस कारोबारी विवाद को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच में जुटी है।
पक्ष
पूर्व विधायक नवीन धीमान ने कहा कि वह पिछले लगभग तीन माह से विवाद का आपसी समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार घटना वाले दिन भी वह बातचीत के उद्देश्य से प्लांट पहुंचे थे लेकिन गेट नहीं खोला गया। इसी दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उनका आरोप है कि दूसरा पक्ष समझौता करने के बजाय उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
वहीं, प्लांट संचालक लव भारद्वाज ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को पहले से जानकारी थी कि उस समय कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी प्लांट में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद कुछ लोगों के साथ परिसर में जबरन प्रवेश करने और गेट तोड़ने का प्रयास किया गया। उनका दावा है कि यदि वास्तव में समझौते की मंशा होती तो बातचीत के लिए पहले समय और स्थान तय किया जाता। उन्होंने कहा कि पूरी घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है और जांच में सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।