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Una News: बदलते मौसम की मार... गेहूं और आलू की फसल पर संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:31 AM IST
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ऊना। जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। समय पर बारिश न होने और अब लगातार बादल छाए रहने से गेहूं और आलू की फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खेतों में जहां गेहूं की फसल गिर रही है, वहीं आलू में नमी के कारण बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। किसानों को इस बार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका सता रही है।
सोमवार को भी दिनभर बादल छाए रहने से हालात और खराब हो गए। इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है और उसे तेज धूप व शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है लेकिन हाल के दिनों में हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण फसल खेतों में गिर गई है।
कई जगहों पर बालियां जमीन से लग गई हैं, जिससे दाने खराब होने और अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन के साथ गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा और किसानों को उचित दाम मिलने में दिक्कत आ सकती है। दूसरी ओर आलू की फसल भी मौसम की मार झेल रही है। लगातार नमी और धूप की कमी के चलते फफूंद जनित बीमारियां फैल रही हैं। कई किसानों ने बताया कि खोदाई से पहले ही आलू सड़ने लगे हैं, जिससे भारी नुकसान का खतरा पैदा हो गया है।
सिंचित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। किसानों के अनुसार करीब 30 प्रतिशत फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण गिर चुकी है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से हालात और बिगड़ गए हैं।
स्थानीय किसान सतीश कुमार, शिव, रोहित कुमार, अरविंद सैनी और सत्येंद्र सिंह का कहना है कि खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है। बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान का डर है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में खेती जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।
किसान करें ये उपाय
कृषि उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करें और मौसम साफ होते ही फसल की कटाई करें। साथ ही आलू की फसल को बचाने के लिए उचित दवाओं का छिड़काव करने की भी अपील की है।
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सोमवार को भी दिनभर बादल छाए रहने से हालात और खराब हो गए। इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है और उसे तेज धूप व शुष्क मौसम की आवश्यकता होती है लेकिन हाल के दिनों में हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण फसल खेतों में गिर गई है।
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कई जगहों पर बालियां जमीन से लग गई हैं, जिससे दाने खराब होने और अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन के साथ गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा और किसानों को उचित दाम मिलने में दिक्कत आ सकती है। दूसरी ओर आलू की फसल भी मौसम की मार झेल रही है। लगातार नमी और धूप की कमी के चलते फफूंद जनित बीमारियां फैल रही हैं। कई किसानों ने बताया कि खोदाई से पहले ही आलू सड़ने लगे हैं, जिससे भारी नुकसान का खतरा पैदा हो गया है।
सिंचित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है। किसानों के अनुसार करीब 30 प्रतिशत फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण गिर चुकी है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से हालात और बिगड़ गए हैं।
स्थानीय किसान सतीश कुमार, शिव, रोहित कुमार, अरविंद सैनी और सत्येंद्र सिंह का कहना है कि खेती अब घाटे का सौदा बनती जा रही है। बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक नुकसान का डर है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो भविष्य में खेती जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।
किसान करें ये उपाय
कृषि उपनिदेशक डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करें और मौसम साफ होते ही फसल की कटाई करें। साथ ही आलू की फसल को बचाने के लिए उचित दवाओं का छिड़काव करने की भी अपील की है।