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Una News: बरसात में सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ा
Wed, 29 Jul 2026 06:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 29 Jul 2026 06:00 AM IST
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नंदपुर (ऊना)। बरसात के मौसम में सब्जियों के दाम लगातार बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां अब गरीब और मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सब्जियों की कीमतों में आए उछाल ने सबसे अधिक असर गृहिणियों के घरेलू बजट पर डाला है। महिलाओं का कहना है कि सीमित आय में घर का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में टमाटर 60 से 70 रुपये प्रति किलो, शिमला मिर्च 120 रुपये प्रति किलो, भिंडी और बैंगन जैसी मौसमी सब्जियां 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं। वहीं प्याज भी 40 से 45 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा जा रहा है। ऐसे में कई परिवार अब जरूरत के अनुसार ही सब्जियां खरीदने को मजबूर हैं जबकि पहले एक साथ कई प्रकार की सब्जियां खरीदी जाती थीं। सब्जी विक्रेताओं के अनुसार बरसात के कारण फसलों को नुकसान, मंडियों में कम आवक और परिवहन लागत बढ़ने से खुदरा बाजार में सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
सब्जियों के लगातार बढ़ते दामों ने रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महंगाई को देखते हुए अब जरूरत के हिसाब से ही सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं।
-रजना देवी, नंदपुर
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बरसात के मौसम में हर साल सब्जियां महंगी होती हैं लेकिन इस बार दाम इतने बढ़ गए हैं कि गरीब परिवारों के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। अधिकतर लोग सब्जियों के दाम सुनकर खरीदारी करने से कतराने लगे हैं।
-सरोज बाला, टकारला
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सब्जियों के लगातार बढ़ते दामों ने रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महंगाई को देखते हुए अब जरूरत के हिसाब से ही सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं।
-रजना देवी, नंदपुर
बरसात के मौसम में हर साल सब्जियां महंगी होती हैं लेकिन इस बार दाम इतने बढ़ गए हैं कि गरीब परिवारों के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। अधिकतर लोग सब्जियों के दाम सुनकर खरीदारी करने से कतराने लगे हैं।
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-सरोज बाला, टकारला