{"_id":"6a1d97dd2a09cf8ac90a44cf","slug":"the-mother-of-the-victim-upset-over-not-getting-justice-attempted-suicide-una-news-c-93-1-una1002-193644-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: न्याय न मिलने से आहत पीड़ित युवक की मां ने किया आत्मदाह का प्रयास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: न्याय न मिलने से आहत पीड़ित युवक की मां ने किया आत्मदाह का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 02 Jun 2026 08:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ऊना। हमीरपुर रोड स्थित लोए-लोए कैफे के कर्मचारी दीपांशु के कथित अपहरण और मारपीट मामले में सोमवार को पीड़ित युवक की मां कंचन न्याय न मिलने से आहत होकर आत्मदाह करने के इरादे से पेट्रोल लेकर एमसी पार्क पहुंच गईं। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उनके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।
घटना के बाद एमसी पार्क में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने पुलिस प्रशासन और कैफे प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एमसी पार्क से एसपी कार्यालय तक रोष रैली निकाली और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके कारण अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई की गई होती तो एक मां को आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने के बारे में सोचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
विज्ञापन
पीड़ित की मां कंचन, लाडी सैणी और संजीव सैणी ने कहा कि यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास का सवाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। उनका आरोप था कि आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने की कोशिश की जा रही है जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।
इस अवसर पर संतोष सैणी, नीना सैणी, मार्शल, काला सैणी, विजय कुमार, नरेंद्र सैणी, रूप सिंह, तीर्थ राम, सुभाष चंद, अशोक कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
पुलिस बोली, निष्पक्ष जांच के साथ होगी सख्त कार्रवाई
उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने कहा कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। जिस वाहन में दीपांशु को जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया है, उसे भी पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। इसके अलावा तकनीकी और भौतिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
घटना के बाद एमसी पार्क में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों ने पुलिस प्रशासन और कैफे प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एमसी पार्क से एसपी कार्यालय तक रोष रैली निकाली और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसके कारण अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया है। उनका कहना था कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई की गई होती तो एक मां को आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने के बारे में सोचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
Trending Videos
पीड़ित की मां कंचन, लाडी सैणी और संजीव सैणी ने कहा कि यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था पर जनता के विश्वास का सवाल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। उनका आरोप था कि आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देने की कोशिश की जा रही है जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।
इस अवसर पर संतोष सैणी, नीना सैणी, मार्शल, काला सैणी, विजय कुमार, नरेंद्र सैणी, रूप सिंह, तीर्थ राम, सुभाष चंद, अशोक कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
पुलिस बोली, निष्पक्ष जांच के साथ होगी सख्त कार्रवाई
उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने कहा कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं। जिस वाहन में दीपांशु को जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया है, उसे भी पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। इसके अलावा तकनीकी और भौतिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।