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Una News: गगरेट नगर पंचायत की कुर्सी पर संशय बरकरार
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गगरेट (ऊना)। नगर पंचायत गगरेट के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव की नई तारीख अभी तक घोषित नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाएं जोरों पर हैं। चुनाव स्थगित होने के बाद अब सबसे अधिक चर्चा अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर बन रहे समीकरणों, विधायक के संभावित मतदान अधिकार और ड्रॉ ऑफ लॉट्स की संभावना को लेकर हो रही है। राजनीतिक हलकों में अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस समर्थित आजाद पार्षद मंजू ठाकुर और भाजपा समर्थित पार्षद बबीता कुमारी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मौजूदा राजनीतिक गणित में एक पक्ष चार पार्षदों के समर्थन का दावा कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष तीन पार्षदों के साथ मैदान में है। हालांकि, चुनाव टलने के बाद बदलते समीकरणों की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इस चुनाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू विधायक के मतदान अधिकार को लेकर बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सभी की नजरें सरकार की आगामी अधिसूचना पर टिकी हैं। यदि विधायक को मतदान का अधिकार मिलता है तो वर्तमान चार-तीन का समीकरण बदलकर चार-चार की बराबरी तक पहुंच सकता है। ऐसे में मुकाबला और अधिक रोचक हो जाएगा।
यदि चुनाव बराबरी पर छूटता है तो नियमों के तहत ड्रॉ ऑफ लॉट्स की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसी स्थिति में दोनों उम्मीदवारों के नाम पर्चियों पर लिखकर विजेता का चयन किया जाएगा। यानी नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला वोटों से नहीं बल्कि किस्मत से भी हो सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव स्थगित होने से दोनों पक्षों को अपने समर्थन को मजबूत करने का अतिरिक्त समय मिला है। यदि कोई खेमा पांच पार्षदों का समर्थन जुटाने में सफल हो जाता है तो विधायक के वोट और ड्रॉ ऑफ लॉट्स की सभी संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी। फिलहाल नई चुनाव तिथि और सरकारी अधिसूचना का इंतजार है, लेकिन गगरेट नगर पंचायत की कुर्सी को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है।
यदि चुनाव बराबरी पर छूटता है तो नियमों के तहत ड्रॉ ऑफ लॉट्स की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। ऐसी स्थिति में दोनों उम्मीदवारों के नाम पर्चियों पर लिखकर विजेता का चयन किया जाएगा। यानी नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला वोटों से नहीं बल्कि किस्मत से भी हो सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव स्थगित होने से दोनों पक्षों को अपने समर्थन को मजबूत करने का अतिरिक्त समय मिला है। यदि कोई खेमा पांच पार्षदों का समर्थन जुटाने में सफल हो जाता है तो विधायक के वोट और ड्रॉ ऑफ लॉट्स की सभी संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी। फिलहाल नई चुनाव तिथि और सरकारी अधिसूचना का इंतजार है, लेकिन गगरेट नगर पंचायत की कुर्सी को लेकर सस्पेंस अभी बरकरार है।
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