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Shimla: विक्रमादित्य सिंह बोले- विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र से लगातार पैरवी कर रही सरकार

Mon, 10 Aug 2026 09:28 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 10 Aug 2026 09:28 PM IST
सार

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़कों के विकास और उन्नयन को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मानसून के दौरान सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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Vikramaditya Singh said the government is continuously pursuing the matter with the Centre to accelerate devel
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में विकासात्मक योजनाओं और केंद्र सरकार से संबंधित परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल में निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और नई परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश के विकास से जुड़े मामलों को केंद्र के समक्ष लगातार उठाया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़कों के विकास और उन्नयन को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मानसून के दौरान सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पिछले दो-तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष मानसून से सड़कों को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी, पोकलेन और अन्य मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की है। भू-स्खलन या मलबे के कारण बंद होने वाली सड़कों को 24 घंटे के भीतर बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों, बागवानों और आम लोगों को परेशानी न हो।

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उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-305 के तहत सैंज-लुहरी-बंजार-औट मार्ग पर बंजार से औट तक सड़क सुधार और टारिंग के लिए 25.11 करोड़ रुपये जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। वहीं, जलोड़ी सुरंग परियोजना के लिए 1,775 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों को इसकी स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कांगड़ा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-303 पर नगरोटा बगवां से रानीताल सड़क के लिए 395 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सेतु बंधन परियोजना के तहत पुलों के निर्माण के लिए 3.46 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है।

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प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सीआरआईएफ और सेतु बंधन योजनाओं में अधिक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने तथा सीआरआईएफ के तहत सड़क परियोजनाओं का वार्षिक आवंटन बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये करने की मांग भी रखी गई है। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश के शहरों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे की क्षमता बढ़ाने के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है। दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से हिमाचल के शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और नियोजन संबंधी रूपरेखा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को चंडीगढ़ की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के चंडीगढ़ और पंचकूला की सीमा से सटे क्षेत्र में प्रस्तावित नए शहर के लिए साझा आधारभूत ढांचे के विकास की आवश्यकता से भी अवगत करवाया।

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यूज्ड वाटर मैनेजमेंट में बाकी 45 निकायों को शामिल करने की मांग
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-2.0 के यूज्ड वाटर मैनेजमेंट कंपोनेंट के तहत प्रदेश के 76 शहरी स्थानीय निकायों में से केवल 31 को शामिल किया गया है। उन्होंने शेष शहरी स्थानीय निकायों के लिए प्रस्तुत अतिरिक्त परियोजनाओं को भी मंजूरी देने और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह केंद्र से किया है। उन्होंने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई हैं। इन निधियों को जल्द मंजूरी देने का आग्रह केंद्रीय मंत्री से किया गया है। इसके साथ ही अमृत योजना के तहत लंबित 64.45 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी करने की मांग की गई है, ताकि प्रदेश में चल रही परियोजनाओं का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि 15 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए जारी सूची में उनके आग्रह पर ही नाम शामिल नहीं किया गया है। निजी व्यस्तता के कारण उन्होंने खुद ही कार्यक्रम में शामिल होने पर असमर्थता जताई थी।

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