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मणिपुर में बंद और तनाव: दफ्तर नहीं पहुंचने पर कर्मियों पर गिरेगी गाज; राहुल गांधी बोले- अशांति का कारण भाजपा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Riya Dubey
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:57 PM IST
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सार
मणिपुर में बंद और तनाव के बीच राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर सख्ती दिखाई है। बिना अनुमति छुट्टी लेकर दफ्तर नहीं आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मणिपुर को आग में झोंक दिया है।
मणिपुर में तनाव
- फोटो : ANI
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विस्तार
मणिपुर में जारी बंद और तनावपूर्ण हालात के बीच राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति अवकाश लिए कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने रविवार को आदेश जारी करते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न संगठनों द्वारा बंद के आह्वान के बावजूद सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
यह आदेश 19 अप्रैल से शुरू हुए पांच दिवसीय बंद के मद्देनजर जारी किया गया है। घाटी के पांच जिलों में मीरा पैबी संगठनों ने यह बंद बुलाया है। वे 7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में हुए बम हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। बंद से प्रभावित जिलों में इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, बिष्णुपुर, काकचिंग और तेंगनौपाल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार बंद से आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई रुक रही है, दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, किसान और व्यापारी भी परेशान हैं। ऐसे में सभी संगठनों को जनता के हित में बंद समाप्त करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मणिपुर में मैतेई समुदाय और कुकी समुदाय समुदायों के बीच संघर्ष को रोकने में सरकार विफल रही है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में मणिपुर में फिर तनाव बढ़ा है। ट्रोंगलाओबी इलाके में उग्रवादी हमले में एक पांच वर्षीय बच्चे और उसकी पांच महीने की बहन की मौत के बाद राज्य में माहौल फिर गरमा गया है।
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मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने रविवार को आदेश जारी करते हुए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभिन्न संगठनों द्वारा बंद के आह्वान के बावजूद सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
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सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने कहा है कि हर विभाग दैनिक उपस्थिति रिपोर्ट संबंधित प्रशासनिक विभाग को भेजे। अगर कोई कर्मचारी बिना स्वीकृत छुट्टी के ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में सरकारी कार्यालयों के सामान्य संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।यह आदेश 19 अप्रैल से शुरू हुए पांच दिवसीय बंद के मद्देनजर जारी किया गया है। घाटी के पांच जिलों में मीरा पैबी संगठनों ने यह बंद बुलाया है। वे 7 अप्रैल को ट्रोंगलाओबी में हुए बम हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। बंद से प्रभावित जिलों में इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, बिष्णुपुर, काकचिंग और तेंगनौपाल शामिल हैं।
नागा बहुल इलाकों में तीन दिन के बंद का एलान
इसी बीच यूनाइटेड नागा काउंसिल ने सोमवार से नागा बहुल इलाकों में तीन दिन के बंद का एलान किया है। यह बंद 18 अप्रैल को उखरूल जिले में घात लगाकर किए गए हमले में दो नागरिकों की हत्या के विरोध में बुलाया गया है।गृह मंत्री ने बंद वापस लेने की अपील की
राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने बंद वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि सरकार ने त्रोंग्लाओबी घटना से जुड़े संयुक्त कार्रवाई समिति से बातचीत की है और उनकी मांगों पर चर्चा की गई है।उन्होंने कहा कि लगातार बंद से आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई रुक रही है, दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, किसान और व्यापारी भी परेशान हैं। ऐसे में सभी संगठनों को जनता के हित में बंद समाप्त करना चाहिए।
राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के कोलाचेल में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मणिपुर को आग में झोंक दिया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर कभी एक शांतिपूर्ण राज्य था, लेकिन वहां अब सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और अब भी गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। राहुल गांधी ने राज्य में जारी तनाव के लिए सत्तारूढ़ दल को जिम्मेदार ठहराया।कांग्रेस नेता ने कहा कि मणिपुर में मैतेई समुदाय और कुकी समुदाय समुदायों के बीच संघर्ष को रोकने में सरकार विफल रही है। राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में मणिपुर में फिर तनाव बढ़ा है। ट्रोंगलाओबी इलाके में उग्रवादी हमले में एक पांच वर्षीय बच्चे और उसकी पांच महीने की बहन की मौत के बाद राज्य में माहौल फिर गरमा गया है।
मणिपुर में वकीलों का धरना प्रदर्शन
ऑल मणिपुर बार एसोसिएशन और हाई कोर्ट बार एसोसिएशन मणिपुर ने हालिया हिंसक घटनाओं के विरोध में उरीपोक स्थित चेराप कोर्ट कॉम्प्लेक्स गेट पर धरना प्रदर्शन किया। दोनों संगठनों के सदस्य बड़ी संख्या में एकत्र हुए और हाल में हुई हिंसा में आम नागरिकों, बच्चों समेत लोगों की मौत पर गहरा रोष जताया।
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