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BJP Social Media Row: विवादित वीडियो पोस्ट पर राजनीति तेज, असम भाजपा के सोशल मीडिया सह-संयोजक को हटाया गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: अमन तिवारी
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:34 AM IST
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सार
असम भाजपा ने मुख्यमंत्री का विवादित एआई वीडियो पोस्ट करने पर सोशल मीडिया सह-संयोजक को हटा दिया है। वीडियो में मुख्यमंत्री दो लोगों पर गोली चलाते दिख रहे थे। कांग्रेस और एआईएमआईएम ने इस वीडियो को हिंसा भड़काने वाला बताकर शिकायत दर्ज कराई है।
भाजपा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
असम भाजपा ने अपनी सोशल मीडिया टीम के सह-संयोजक को पद से हटा दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का एक विवादित वीडियो पोस्ट करने की वजह से पार्टी ने यह सख्त कदम उठाया है। फिलहाल यह वीडियो अब सोशल मीडिया से हटा लिया गया है, लेकिन इसने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
विवादित विडियो में क्या था?
इस वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिख रहे थे। इन दो लोगों में से एक ने टोपी पहनी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। वीडियो के साथ "पॉइंट-ब्लैंक शॉट" लिखा हुआ था। यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया था। इसे शनिवार शाम को राज्य भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपलोड किया गया था। हालांकि विरोध के बाद इसे तुरंत हटा दिया गया।
भाजपा नेता ने दी जानकारी
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह वीडियो बिना किसी सही जांच और बिना अनुमति के अपलोड हुआ था। इसी वजह से सोशल मीडिया टीम के सह-संयोजक रॉन विकास गौरव को उनके पद से हटाया गया है। नेता ने यह भी बताया कि पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट डालने का अधिकार कुछ ही लोगों को मिला है। वे पार्टी के कार्यक्रम या नेताओं के भाषण तो खुद शेयर कर सकते हैं, लेकिन संवेदनशील विषयों के लिए उन्हें अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए सोशल मीडिया प्रभारी, पार्टी अध्यक्ष या मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी लेना जरूरी है।
ये भी पढ़ें: Voter List: असम की नई मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, मुस्लिम बहुल जिलों में बढ़ोतरी; जनजातीय इलाकों में गिरावट
विवादित विडियो पर दर्ज हुआ केस
फिलहाल रंजीब कुमार सरमा राज्य भाजपा की सोशल मीडिया टीम के प्रमुख हैं। गौरव को हटाने से पहले उनकी टीम में चार सह-संयोजक काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री सरमा ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने इस वीडियो को लेकर केस दर्ज कर लिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में शिकायत की थी। इसके अलावा भाजपा के एक कार्यकर्ता ने भी अलग से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
इसके लेकर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के जरिए मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने की कोशिश की गई है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
क्या बोले सीएम सरमा?
मुख्यमंत्री सरमा ने इन आरोपों पर कहा कि अगर उनके खिलाफ केस है, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले, वह जेल जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा मैं हमेशा अपनी बात पर कायम रहूंगा। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोधी हूं और हमेशा रहूंगा।
अन्य वीडियो-
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विवादित विडियो में क्या था?
इस वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिख रहे थे। इन दो लोगों में से एक ने टोपी पहनी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। वीडियो के साथ "पॉइंट-ब्लैंक शॉट" लिखा हुआ था। यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया था। इसे शनिवार शाम को राज्य भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपलोड किया गया था। हालांकि विरोध के बाद इसे तुरंत हटा दिया गया।
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भाजपा नेता ने दी जानकारी
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह वीडियो बिना किसी सही जांच और बिना अनुमति के अपलोड हुआ था। इसी वजह से सोशल मीडिया टीम के सह-संयोजक रॉन विकास गौरव को उनके पद से हटाया गया है। नेता ने यह भी बताया कि पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट डालने का अधिकार कुछ ही लोगों को मिला है। वे पार्टी के कार्यक्रम या नेताओं के भाषण तो खुद शेयर कर सकते हैं, लेकिन संवेदनशील विषयों के लिए उन्हें अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए सोशल मीडिया प्रभारी, पार्टी अध्यक्ष या मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी लेना जरूरी है।
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विवादित विडियो पर दर्ज हुआ केस
फिलहाल रंजीब कुमार सरमा राज्य भाजपा की सोशल मीडिया टीम के प्रमुख हैं। गौरव को हटाने से पहले उनकी टीम में चार सह-संयोजक काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री सरमा ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने इस वीडियो को लेकर केस दर्ज कर लिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में शिकायत की थी। इसके अलावा भाजपा के एक कार्यकर्ता ने भी अलग से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
इसके लेकर राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के जरिए मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने की कोशिश की गई है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।
क्या बोले सीएम सरमा?
मुख्यमंत्री सरमा ने इन आरोपों पर कहा कि अगर उनके खिलाफ केस है, तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले, वह जेल जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा मैं हमेशा अपनी बात पर कायम रहूंगा। मैं बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोधी हूं और हमेशा रहूंगा।
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