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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: कोर्ट ने मुंबई पुलिस को क्यों लगाई फटकार, गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई पर क्या कहा?
Fri, 10 Jul 2026 08:56 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 10 Jul 2026 08:56 PM IST
सार
मुंबई की विशेष अदालत ने बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में अनमोल बिश्नोई की हिरासत न लेने पर मुंबई पुलिस को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि आरोपी को हिरासत में लेना और उसके खिलाफ कार्रवाई करना जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है। पढ़िए रिपोर्ट-
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बाबा सिद्दीकी, एनसीपी नेता
- फोटो : X / @BabaSiddique
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विस्तार
मुंबई की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में जेल में बंद गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अपनी हिरासत में नहीं लेने पर मुंबई पुलिस को फटकार लगाई। अदालत ने पुलिस को अनमोल बिश्नोई को पेश करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाने का निर्देश दिया।
विशेष मकोका अदालत के जज सत्यनारायण आर नवंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी के परिवार की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में अदालत का काम पुलिस को उसकी जिम्मेदारियां याद दिलाना नहीं है। अदालत ने पुलिस से 24 जुलाई तक इन निर्देशों के पालन की रिपोर्ट भी मांगी है।
अदालत ने कहा, किसी आरोपी को हिरासत में लेना, जांच करना, उससे पूछताछ करना और उसके खिलाफ मुकदमा चलाना, यह सब जांच एजेंसी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
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जज ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध के मामले में अदालत यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह जांच एजेंसी को उसकी कानूनी जिम्मेदारियां याद दिलाए।
बाबा सिद्दीकी की हत्या कब हुई थी?
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी (66 वर्षीय) की 12 अक्तूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अनमोल बिश्नोई इस समय कहां है?
अनमोल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिका से भारत लाया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
सिद्दीकी परिवार ने क्या आरोप लगाया?
पिछले हफ्ते बाबा सिद्दीकी के परिवार ने अदालत में याचिका दायर की थी। याचिका में पुलिस को अनमोल बिश्नोई को हिरासत में लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी। परिवार का आरोप था कि 'बाहरी दबाव' की वजह से पुलिस ऐसा करने से बच रही है।
कोर्ट ने कहा- दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति
पुलिस को फटकार लगाते हुए विशेष जज ने कहा कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि अदालत को फरार आरोपी की मौजूदगी सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश देने पड़ रहे हैं।
जांच एजेंसी ने क्या दलील दी?
जांच एजेंसी ने लिखित जवाब में इन आरोपों से इनकार किया। एजेंसी ने कहा कि वह जानबूझकर अनमोल बिश्नोई की हिरासत लेने से नहीं बच रही है। जांच एजेंसी ने कहा कि यदि कानून अनुमति देता है, तो वह अनमोल बिश्नोई को अपनी हिरासत में लेने के लिए तैयार है। हालांकि, उसने कुछ व्यावहारिक मुश्किलों का भी हवाला दिया।
ये भी पढ़ें: बंगाल: शुभेंदु ने गिनाईं सरकार की दो महीनों की उपलब्धियां, TMC पर साधा निशाना; क्या है आगे का प्लान?
जज ने जांच एजेंसी की चूक पर क्या कहा?
लेकिन जज ने कहा कि इस मामले में सक्षम अदालत की अनुमति लेकर अनमोल बिश्नोई को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली की संबंधित अदालत से अनुमति लेकर अनमोल बिश्नोई से न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी पूछताछ की जा सकती है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, दुर्भाग्य से जांच एजेंसी ने उसके लिए उपलब्ध इन कानूनी रास्तों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।
जज ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करे, ताकि अनमोल बिश्नोई की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।
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विशेष मकोका अदालत के जज सत्यनारायण आर नवंदर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी के परिवार की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में अदालत का काम पुलिस को उसकी जिम्मेदारियां याद दिलाना नहीं है। अदालत ने पुलिस से 24 जुलाई तक इन निर्देशों के पालन की रिपोर्ट भी मांगी है।
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अदालत ने कहा, किसी आरोपी को हिरासत में लेना, जांच करना, उससे पूछताछ करना और उसके खिलाफ मुकदमा चलाना, यह सब जांच एजेंसी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
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जज ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध के मामले में अदालत यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह जांच एजेंसी को उसकी कानूनी जिम्मेदारियां याद दिलाए।
बाबा सिद्दीकी की हत्या कब हुई थी?
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी (66 वर्षीय) की 12 अक्तूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अनमोल बिश्नोई इस समय कहां है?
अनमोल जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिका से भारत लाया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल वह नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
सिद्दीकी परिवार ने क्या आरोप लगाया?
पिछले हफ्ते बाबा सिद्दीकी के परिवार ने अदालत में याचिका दायर की थी। याचिका में पुलिस को अनमोल बिश्नोई को हिरासत में लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी। परिवार का आरोप था कि 'बाहरी दबाव' की वजह से पुलिस ऐसा करने से बच रही है।
कोर्ट ने कहा- दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति
पुलिस को फटकार लगाते हुए विशेष जज ने कहा कि यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि अदालत को फरार आरोपी की मौजूदगी सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश देने पड़ रहे हैं।
जांच एजेंसी ने क्या दलील दी?
जांच एजेंसी ने लिखित जवाब में इन आरोपों से इनकार किया। एजेंसी ने कहा कि वह जानबूझकर अनमोल बिश्नोई की हिरासत लेने से नहीं बच रही है। जांच एजेंसी ने कहा कि यदि कानून अनुमति देता है, तो वह अनमोल बिश्नोई को अपनी हिरासत में लेने के लिए तैयार है। हालांकि, उसने कुछ व्यावहारिक मुश्किलों का भी हवाला दिया।
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जज ने जांच एजेंसी की चूक पर क्या कहा?
लेकिन जज ने कहा कि इस मामले में सक्षम अदालत की अनुमति लेकर अनमोल बिश्नोई को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली की संबंधित अदालत से अनुमति लेकर अनमोल बिश्नोई से न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी पूछताछ की जा सकती है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, दुर्भाग्य से जांच एजेंसी ने उसके लिए उपलब्ध इन कानूनी रास्तों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।
जज ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करे, ताकि अनमोल बिश्नोई की मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके।