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कैंसर-मधुमेह समेत 39 दवाएं सस्ती: मरीजों को मिली बड़ी राहत, अधिक दाम वसूलने पर स्टोर मालिकों को होगी जेल?
Fri, 10 Jul 2026 10:54 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 10 Jul 2026 10:54 PM IST
सार
मरीजों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने बीपी, शुगर, कैंसर और एचआईवी समेत 39 दवाओं के दाम तय कर दिए हैं। मेडिकल स्टोर्स पर इसकी रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। तय रेट से ज्यादा पैसे वसूलने पर कंपनियों से ब्याज सहित पूरी रकम वसूली जाएगी।
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दवाएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश के मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब आम जनता को सस्ती दवाएं मिलेंगी। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 39 नई दवाओं के दाम तय कर दिए हैं। अब पूरे देश में ये दवाएं एक ही कीमत पर मिलेंगी। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने इसकी सरकारी अधिसूचना भी जारी कर दी है। कोई भी कंपनी तय दाम से ज्यादा पैसे नहीं ले पाएगी।
इस नए आदेश से करोड़ों लोगों को फायदा होगा। सरकार ने आम और गंभीर दोनों बीमारियों की दवाओं के दाम घटाए हैं। इसमें ब्लड प्रेशर (बीपी) की दवाएं शामिल हैं। शुगर यानी मधुमेह की दवाएं भी सस्ती की गई हैं। इसके अलावा दिल की बीमारी, इन्फेक्शन, मिर्गी और आंखों की दवाओं के रेट तय हुए हैं। दर्द, एचआईवी और कैंसर के इलाज की जीवनरक्षक दवाएं भी अब बेहद कम कीमत पर मिलेंगी।
मनमानी कीमत वसूलने पर सख्त एक्शन
सरकार ने कंपनियों को कड़ा संदेश दिया है। कोई भी मेडिकल स्टोर या कंपनी इन दवाओं को तय रेट से महंगा नहीं बेच सकती है। अगर किसी ने भी मरीजों से ज्यादा पैसे वसूले, तो खैर नहीं होगी। सरकार उस दुकानदार या कंपनी पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। ज्यादा वसूली गई पूरी रकम ब्याज के साथ वापस ली जाएगी। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के कड़े नियमों का इस्तेमाल होगा। मुनाफाखोरी करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
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यह भी पढ़ें: क्या एनसीपी-एसपी का एनडीए में होगा विलय?: महायुति नेताओं ने की पृथ्वीराज के बयान की आलोचना; किया बड़ा दावा
दुकान पर रेट लिस्ट लगाना बेहद जरूरी
नए नियमों को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। सभी दवा दुकानदारों और डीलरों को अपनी दुकान में नई रेट लिस्ट लगानी होगी। यह लिस्ट दुकान के सामने साफ अक्षरों में दिखनी चाहिए। इससे ग्राहक खुद दवाओं के सही दाम देख सकेंगे। एनपीपीए ने बताया है कि इन तय कीमतों पर जीएसटी अलग से लगेगा। जो कंपनियां इन दवाओं को नए नाम से बाजार में ला रही हैं, उन्हें भी सरकार के इसी रेट नियम को मानना होगा।
कौन सी दवा अब कितने में मिलेगी?
अधिसूचना के अनुसार, बीपी की एम्लोडिपिन, टेल्मिसार्टन और मेटोप्रोलोल सक्सिनेट कॉम्बिनेशन टैबलेट अब सिर्फ 12.03 रुपये में मिलेगी। इन्फेक्शन के इलाज की अमॉक्सिसिलिन और पोटैशियम क्लैवुलानेट टैबलेट की कीमत अलग-अलग फॉर्मूलेशन के हिसाब से 19.53 रुपये और 27.31 रुपये होगी। एचआईवी के इलाज की डारुनाविर, रिटोनाविर और डोल्यूटेग्राविर किट अब 330.40 रुपये में मिलेगी। वहीं, दिल के मरीजों के काम आने वाला टेनेक्टेप्लेस 50 मिग्रा का इंजेक्शन अब 60,238.27 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा एस्पिरिन और मेटफॉर्मिन जैसी कई अन्य जरूरी दवाओं के अधिकतम रेट भी फिक्स कर दिए गए हैं।
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इस नए आदेश से करोड़ों लोगों को फायदा होगा। सरकार ने आम और गंभीर दोनों बीमारियों की दवाओं के दाम घटाए हैं। इसमें ब्लड प्रेशर (बीपी) की दवाएं शामिल हैं। शुगर यानी मधुमेह की दवाएं भी सस्ती की गई हैं। इसके अलावा दिल की बीमारी, इन्फेक्शन, मिर्गी और आंखों की दवाओं के रेट तय हुए हैं। दर्द, एचआईवी और कैंसर के इलाज की जीवनरक्षक दवाएं भी अब बेहद कम कीमत पर मिलेंगी।
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मनमानी कीमत वसूलने पर सख्त एक्शन
सरकार ने कंपनियों को कड़ा संदेश दिया है। कोई भी मेडिकल स्टोर या कंपनी इन दवाओं को तय रेट से महंगा नहीं बेच सकती है। अगर किसी ने भी मरीजों से ज्यादा पैसे वसूले, तो खैर नहीं होगी। सरकार उस दुकानदार या कंपनी पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। ज्यादा वसूली गई पूरी रकम ब्याज के साथ वापस ली जाएगी। इसके लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के कड़े नियमों का इस्तेमाल होगा। मुनाफाखोरी करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
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दुकान पर रेट लिस्ट लगाना बेहद जरूरी
नए नियमों को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। सभी दवा दुकानदारों और डीलरों को अपनी दुकान में नई रेट लिस्ट लगानी होगी। यह लिस्ट दुकान के सामने साफ अक्षरों में दिखनी चाहिए। इससे ग्राहक खुद दवाओं के सही दाम देख सकेंगे। एनपीपीए ने बताया है कि इन तय कीमतों पर जीएसटी अलग से लगेगा। जो कंपनियां इन दवाओं को नए नाम से बाजार में ला रही हैं, उन्हें भी सरकार के इसी रेट नियम को मानना होगा।
कौन सी दवा अब कितने में मिलेगी?
अधिसूचना के अनुसार, बीपी की एम्लोडिपिन, टेल्मिसार्टन और मेटोप्रोलोल सक्सिनेट कॉम्बिनेशन टैबलेट अब सिर्फ 12.03 रुपये में मिलेगी। इन्फेक्शन के इलाज की अमॉक्सिसिलिन और पोटैशियम क्लैवुलानेट टैबलेट की कीमत अलग-अलग फॉर्मूलेशन के हिसाब से 19.53 रुपये और 27.31 रुपये होगी। एचआईवी के इलाज की डारुनाविर, रिटोनाविर और डोल्यूटेग्राविर किट अब 330.40 रुपये में मिलेगी। वहीं, दिल के मरीजों के काम आने वाला टेनेक्टेप्लेस 50 मिग्रा का इंजेक्शन अब 60,238.27 रुपये में मिलेगा। इसके अलावा एस्पिरिन और मेटफॉर्मिन जैसी कई अन्य जरूरी दवाओं के अधिकतम रेट भी फिक्स कर दिए गए हैं।