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Bengal Violence: NIA ने शुरू की बेलडांगा हिंसा की जांच, साजिश और फर्जी खबरों के एंगल पर होगी एजेंसी की नजर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 31 Jan 2026 04:33 PM IST
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सार
NIA Probe West Bengal: पश्चिम बंगाल के बेलडांगा में भड़की हिंसा की जांच अब एनआईए ने शुरू कर दी है। प्रवासी मजदूर की मौत की खबर के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। मामले में अब 35 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी अब साजिश, फेक खबर और साम्प्रदायिक उकसावे के एंगल से मामले की जांच कर रही है।
एनआईए
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के बर्दवान नहीं बल्कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में भड़की हिंसा अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रडार पर आ गई है। केंद्र के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार से मामले की जांच शुरू कर दी। इस हिंसा ने इलाके में कई दिनों तक तनाव बनाए रखा था और सड़क व रेल यातायात भी प्रभावित हुआ था।
एनआईए की टीम सुबह बेलडांगा थाने पहुंची और पहले से जांच कर रहे अधिकारियों से बातचीत की। टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड भी मांगे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद एजेंसी ने इस मामले में नया केस दर्ज किया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हिंसा किसी संगठित साजिश, भ्रामक खबरों या जानबूझकर भड़काए गए साम्प्रदायिक तनाव का नतीजा तो नहीं थी।
प्रवासी मजदूर की मौत से भड़का तनाव
16 जनवरी को झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की कथित अस्वाभाविक मौत की खबर फैलते ही बेलडांगा और आसपास के इलाकों में तनाव फैल गया। हालात तब और बिगड़ गए जब बिहार में इसी क्षेत्र के एक अन्य प्रवासी मजदूर पर हमले की खबर सामने आई। इन घटनाओं के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
ये भी पढ़ें- केरल हाईकोर्ट का अहम फैसला: मेडिकल तरीके से गिराया जा सकेगा 31 हफ्ते का भ्रूण, अदालत ने इन आधारों पर दी अनुमति
दो दिन तक हालात रहे बेकाबू
लगभग दो दिनों तक क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया और रेलवे ट्रैक भी रोक दिए, जिससे ट्रेन सेवाएं और सड़क यातायात बाधित हुआ। प्रशासन को हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
केंद्र ने सौंपी जांच, कोर्ट का सख्त आदेश
बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच एनआईए को सौंपने का फैसला किया। विशेष एनआईए अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि जांच से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और जानकारी बिना देरी एजेंसी को सौंपी जाए। इससे जांच प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की जा रही है।
अब तक 35 गिरफ्तार, साजिश की तलाश
राज्य पुलिस पहले ही इस हिंसा के सिलसिले में 35 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या सुनियोजित योजना थी। एजेंसी फर्जी खबरों की भूमिका और संभावित उकसावे की भी जांच कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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एनआईए की टीम सुबह बेलडांगा थाने पहुंची और पहले से जांच कर रहे अधिकारियों से बातचीत की। टीम ने मामले से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड भी मांगे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद एजेंसी ने इस मामले में नया केस दर्ज किया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हिंसा किसी संगठित साजिश, भ्रामक खबरों या जानबूझकर भड़काए गए साम्प्रदायिक तनाव का नतीजा तो नहीं थी।
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प्रवासी मजदूर की मौत से भड़का तनाव
16 जनवरी को झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की कथित अस्वाभाविक मौत की खबर फैलते ही बेलडांगा और आसपास के इलाकों में तनाव फैल गया। हालात तब और बिगड़ गए जब बिहार में इसी क्षेत्र के एक अन्य प्रवासी मजदूर पर हमले की खबर सामने आई। इन घटनाओं के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।
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दो दिन तक हालात रहे बेकाबू
लगभग दो दिनों तक क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया और रेलवे ट्रैक भी रोक दिए, जिससे ट्रेन सेवाएं और सड़क यातायात बाधित हुआ। प्रशासन को हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
केंद्र ने सौंपी जांच, कोर्ट का सख्त आदेश
बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच एनआईए को सौंपने का फैसला किया। विशेष एनआईए अदालत ने पश्चिम बंगाल पुलिस को निर्देश दिया है कि जांच से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और जानकारी बिना देरी एजेंसी को सौंपी जाए। इससे जांच प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की जा रही है।
अब तक 35 गिरफ्तार, साजिश की तलाश
राज्य पुलिस पहले ही इस हिंसा के सिलसिले में 35 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या सुनियोजित योजना थी। एजेंसी फर्जी खबरों की भूमिका और संभावित उकसावे की भी जांच कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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